बिहार से ‘बदला लेने की राजनीति’ को मैंने बदला: पीएम मोदी पीएम मोदी ने बिहार के लिए नए विकास मॉडल की बात की। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है,

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मोतिहारी, बिहार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को बिहार के मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार से ‘बदला लेने की पुरानी राजनीति’ को समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि उनकी सरकार बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पिछली सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक राशि खर्च कर रही है।


 

कांग्रेस और RJD पर साधा निशाना

 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में पिछली यूपीए सरकार (कांग्रेस और राजद के गठबंधन वाली) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं आपको एक आंकड़ा बताता हूं, जब बिहार में राजद और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब यूपीए के 10 साल में बिहार को सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपये के आसपास मिले थे। यानी ये लोग (कांग्रेस और राजद) नीतीश कुमार की सरकार से बदला ले रहे थे।”

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में केंद्र में सेवा करने का अवसर मिलने के बाद उन्होंने बिहार से बदला लेने वाली उस पुरानी राजनीति को पूरी तरह समाप्त कर दिया। उन्होंने जोर दिया, “पिछले 10 साल में, NDA के 10 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो राशि दी गई है, वो पहले से कई गुना ज्यादा है। बिहार में यह पैसा जन कल्याण और विकास के काम आ रहा है।”


 

‘जंगल राज’ से मुक्ति और विकास का संकल्प

 

प्रधानमंत्री ने राजद और कांग्रेस के ‘राज’ को ‘जंगल राज’ बताते हुए कहा कि उस समय बिहार के विकास पर ब्रेक लगा हुआ था। उन्होंने कहा, “बिहार असंभव को भी संभव बनाने वाले वीरों की धरती है। आप लोगों ने इस धरती को RJD और कांग्रेस की बेड़ियों से मुक्त किया, असंभव को संभव बनाया। उसी का परिणाम है कि आज बिहार में गरीब कल्याण की योजनाएं सीधे गरीबों तक पहुंच रही हैं।”

पीएम मोदी ने बिहार के लिए नए विकास मॉडल की बात की। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है, आने वाले समय में जैसे पश्चिमी भारत में मुंबई है, वैसे ही पूरब में मोतिहारी का भी नाम हो। जैसे अवसर गुरुग्राम में हैं, वैसे ही अवसर गयाजी में भी बनें। पुणे की तरह पटना में भी औद्योगिक विकास हो।”

उन्होंने कहा कि बिहार के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है और न ही संसाधनों की। एनडीए सरकार आने के बाद ही मखाना की कीमत बढ़ी है, जिससे किसानों को फायदा हो रहा है। इसके अलावा लीची, जर्दालु आम, मगही पान, रतालू जैसे कई उत्पाद हैं, जिन्हें दुनिया भर के मार्केट से जोड़ा जाएगा।


 

हज़ारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

 

प्रधानमंत्री ने मोतिहारी से 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और आईटी सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 40,000 लाभार्थियों को 160 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त भी जारी की।

मोतिहारी की धरती को चंपारण की भूमि बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस धरती ने इतिहास रचा है और आजादी के आंदोलन में महात्मा गांधी को नई दिशा दिखाई थी। अब यही प्रेरणा बिहार के नए भविष्य को भी आकार देगी।


 

जातीय समीकरण और समावेशी विकास पर जोर

 

प्रधानमंत्री ने जातीय राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के नाम पर राजनीति करते आए हैं, लेकिन परिवार से बाहर के लोगों को सम्मान तक नहीं देते। उन्होंने अपनी सरकार की प्राथमिकता पिछड़ा वर्ग और पिछड़े क्षेत्रों को बताया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों को पिछड़ा कहकर छोड़ दिया गया था, उन्हें हमने आकांक्षी जिला बनाकर विकसित किया। सीमावर्ती गांवों को अब ‘आखिरी गांव’ नहीं बल्कि ‘देश का पहला गांव’ कहा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ओबीसी वर्ग को संवैधानिक दर्जा देने का काम उनकी सरकार ने किया।

पीएम मोदी के इस दौरे और बयान को बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें विकास, सुशासन और पिछली सरकारों की ‘गलतियों’ को मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है।


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