मुंबई, महाराष्ट्र: हाल ही में अहमदाबाद में हुए भयावह एयर इंडिया विमान हादसे के पीड़ितों के लिए टाटा समूह ने एक बड़ा कदम उठाया है। समूह ने शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को ₹500 करोड़ का एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट स्थापित करने की घोषणा की है। इस ट्रस्ट का नाम ‘एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ (AI-171 Memorial and Welfare Trust) रखा गया है, और इसे मुंबई में औपचारिक रूप से पंजीकृत किया गया है।
हादसे का मंज़र और पीड़ितों का दुख
बीते महीने, 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया की उड़ान AI-171 (बोइंग 787-8) उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक इमारत से टकरा गई थी। इस भीषण दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से 241 लोग तथा ज़मीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे। केवल एक व्यक्ति ही इस दर्दनाक हादसे में जीवित बच पाया था। इस दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था और पीड़ितों के परिवारों को गहरा सदमा पहुंचा था।
ट्रस्ट का उद्देश्य और सहायता का स्वरूप
‘एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ का मुख्य उद्देश्य इस दुखद दुर्घटना के पीड़ितों, उनके आश्रितों और परिजनों को तत्काल और निरंतर सहायता प्रदान करना है। टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स ने इस ट्रस्ट के लिए ₹250-₹250 करोड़ का योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस ट्रस्ट के माध्यम से दी जाने वाली सहायता में मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल होंगे:
- मृतकों के परिवारों को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि: यह राशि उन परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया।
- गंभीर रूप से घायलों का इलाज: हादसे में घायल हुए लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और उपचार प्रदान किया जाएगा।
- क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण: दुर्घटना के कारण अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास को काफी नुकसान हुआ था, और ट्रस्ट इसके पुनर्निर्माण में भी सहायता करेगा।
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने हादसे के तुरंत बाद ही पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि और क्षतिग्रस्त छात्रावास के पुनर्निर्माण की घोषणा की थी, जिसे अब इस ट्रस्ट के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया है।
टाटा समूह की सामाजिक प्रतिबद्धता
टाटा समूह अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और परोपकारी कार्यों के लिए जाना जाता है। जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखते हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, संस्कृति और ग्रामीण विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यह नया ट्रस्ट भी टाटा समूह की मानवीय मूल्यों और सामाजिक कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेष रूप से ऐसे दुखद समय में जब समुदाय को समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
यह पहल न केवल पीड़ितों के परिवारों को एक महत्वपूर्ण सहारा देगी, बल्कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं के बाद प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक मिसाल भी कायम करेगी।




