पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की मुलाकात: भारत-दक्षिण कोरिया के बीच $50 बिलियन व्यापार का लक्ष्य

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भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों का नया अध्याय: राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की दिल्ली यात्रा और बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अपनी पहली तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। 19 से 21 अप्रैल 2026 तक चलने वाली इस यात्रा को दोनों देशों के बीच “विशेष रणनीतिक साझेदारी” को एक नए स्तर पर ले जाने वाला माना जा रहा है।

$50 बिलियन का व्यापार लक्ष्य और ‘चिप्स से शिप्स’ का रोडमैप

आज हैदराबाद हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए:

  • व्यापार लक्ष्य: दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

  • CEPA अपग्रेड: मौजूदा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अगले एक साल के भीतर अपग्रेड करने पर सहमति बनी है।

  • कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप: भारत में दक्षिण कोरियाई कंपनियों, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए विशेष औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।

रक्षा और तकनीक में रणनीतिक सहयोग

चर्चा का एक प्रमुख हिस्सा रक्षा और उन्नत तकनीक रहा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया “चिप्स से लेकर शिप्स” (Chips to Ships) तक एक लचीला और मजबूत इकोसिस्टम बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

  1. रक्षा समझौते: रक्षा उत्पादन और सह-विकास (Co-development) पर चर्चा हुई, जिसमें उन्नत सैन्य हार्डवेयर शामिल हैं।

  2. शिपबिल्डिंग: भारत के बंदरगाहों और जहाज निर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए।

  3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर: दोनों देश क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में सहयोग बढ़ाएंगे।

  4. एनर्जी सप्लाई चेन: पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए आपसी सहयोग पर जोर दिया गया।

“अनिश्चितता के इस दौर में, भारत और दक्षिण कोरिया विकास और नवाचार के लिए सबसे आदर्श भागीदार बन सकते हैं।” — राष्ट्रपति ली जे-म्युंग

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