मानसून 10 दिन पहले पहुंचेगा, नालों की गाद निकली या नहीं, ये तो बारिश बताएगी…
मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली में अन्य सालों की अपेक्षा इस साल 10 दिन पहले मानसून के पहुंचने का अनुमान जताया है। साथ ही इस साल अतिरिक्त बारिश होने का भी अनुमान है। ऐसे में 26 साल बाद दिल्ली की सत्ता में लौटी भाजपा की रेखा सरकार की इस मानसून में होने वाली झमाझम बारिश में परीक्षा होगी, क्योंकि तभी इस बात का भी पता चल सकेगा कि रेखा सरकार की ओर से जलभराव को रोकने के लिए किए गए उपाय कितने कारगार साबित होते हैं।
हालांकि, जलभराव की समस्या से निपटना रेखा सरकार के लिए आसान चुनौती नहीं है और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को यह कहना पड़ा कि पिछली सरकारों ने नालों की सफाई और जलभराव को रोकने के लिए 12 सालों में कुछ भी तैयारी नहीं की।
मानसून नजदीक है, लेकिन अभी तक बरसाती नालों की सफाई पूरी नहीं हो सकी है। जलभराव के नए-नए हॉट स्पॉट बन गए हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसियों पर काम का तनाव और दबाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, दिल्ली सरकार मानसून के दौरान सभी विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयारी कर रही है। पिछले 10 साल में दिल्ली में कोई भी बड़ा सीवर प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया गया, जिससे वर्षा के मौसम में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई है।
अब हर विभाग को एकजुट होकर काम करना होगा और हर नाले की सफाई और मरम्मत मानसून से पहले पूरी होनी चाहिए। साथ ही दिल्ली सरकार का दावा है कि अभी तक 90 फीसदी नाले साफ हो गए हैं। बता दें कि दिल्ली सरकार ने सभी विभागों और निकायों को सभी नाले 15 जून तक साफ करने के आदेश दिए थे।
अगले 6 दिन तेज हवाएं व हल्की बारिश का अनुमान :
मौसम विभाग ने दिल्ली के लोगों को चुभती गर्मी से राहत का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से दिल्ली में मौसम बदलेगा और अगले 6 दिन तक तेज रफ्तार हवाएं चलेंगी और गरज के साथ हल्की बारिश की फुहारें पड़ने की संभावना है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा दर्ज की जा सकती है, जो आंधी-तूफान के दौरान अस्थायी रूप से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने 14 और 15 जून को दिल्ली के कई हिस्सों में तूफानी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है।
अब जल निकासी के लिए बनाना होगा सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर :
दिल्ली सरकार को अगर जलभराव की समस्या का समाधान चाहिए तो इसके लिए बरसाती पानी की निकासी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना होगा। ममगई ने कहा, दिल्ली सरकार को प्रस्तावित मास्टर प्लान 2041 में जल निकास नीति शामिल करनी चाहिए। ममगई ने बताया, दिल्ली में इस वर्ष अब तक औसतन 60 एमएम शुरुआती बारिश हुई है। विशेषकर लुटियन जोन में ब्रिटिश काल की ड्रेनेज व्यवस्था है। एनडीएमसी क्षेत्र के सीवर 45 एमएम और निगम क्षेत्र 30-35 एमएम तक की बारिश झेल सकते हैं, लेकिन गत वर्ष 228.1 एमएम बारिश हो गई, जिससे सारी व्यवस्था चरमरा गई थी।
मानसून आने की संभावना के मद्देनजर निकाय एक-दो माह पूर्व नालों की सफाई करवाते हैं और जलभराव से निपटने के लिए पंप खरीदने व स्थापित करने का प्रावधान करते हैं। नालों की अच्छे से सफाई हुई या नहीं, संपूर्ण गाद निकाली गई या नहीं, निकाली गई गाद या मलबा की मात्रा की सत्यता पर हमेशा प्रश्नचिन्ह बना रहता है।
आप और भाजपा सरकार पर कांग्रेस ने करारा हमला बोला :
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने नालों की सफाई को लेकर पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) और मौजूदा भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, हकीकत यह है कि नालों की सफाई के नाम पर कोई काम नहीं हुआ। सरकार हर मोर्चे पर विफल रही और जनता को जलभराव, गंदगी व ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के हवाले कर दिया गया।
सीएम रेखा गुप्ता स्पष्ट करें कि जोनल स्तर पर कितने नालों की सफाई की गई है और कितने अब भी गंदगी से भरे पड़े हैं। आप सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि आप ने हर साल मानसून से पहले सफाई के दावे किए, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर हर बारिश के साथ हालात बद से बदतर होते गए।