अहमदाबाद विमान हादसे के बाद केंद्र सरकार ने बोइंग पर सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने तय किया है कि टेक ऑफ से पहले बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान की विशेष अतिरिक्त जांच की जाएगी। नागरिक उड्डयन निदेशालय ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें एअर इंडिया को आदेश दिया गया है कि वह 15 जून से जीईएनएक्स इंजन वाले बोइंग ड्रीमलाइनर बेड़े की हर उड़ान में पहले विशेष जांच प्रक्रिया लागू करे। एअर इंडिया के पास 26 बोइंग 787-8 एस और 7 बोइंग 787-9 एस विमान हैं। इस बीच, शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने एयरपोर्ट पर बैठक भी ली। दूसरी तरफ, बीजी मेडिकल कॉलेज में मरने वाले मेडिकल स्टूडेंट व अन्य की संख्या 27 से बढ़कर 34 हो गई है। इससे मृतक संख्या 275 (241 विमान सवार और मेडिकल छात्रों व अन्य समेत 34) हो गई है।
तीन देशों की आठ एजेंसियां कारण खोजने में जुटीं, प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद पहुंचे :
शुक्रवार को भारत समेत तीन देशों की आठ एजेंसियों ने विमान हादसे की जांच शुरू कर दी।’ शुक्रवार को ही विमान का एक ब्लैक बॉक्स मिल गया। दूसरे की तलाश जारी है। हालांकि जांच के बाद निष्कर्ष मिलने में दो हफ्ते लग सकते हैं। दूसरी तरफ, हादसे से पहले विमान के पायलट सुमित सभरवाल का एटीसी को भेजा गया आखिरी मेडे मैसेज भी सामने आया है। 4-5 सेकंड के संदेश में सुमित कह रहे हैं, ‘मेडे, मेडे, मेडे… धस्ट नहीं मिल रहा। शक्ति कम हो रही है, प्लेन उठ नहीं रहा। नहीं बचेंगे।’
जिस मेडिकल कॉलेज पर विमान गिरा, वहां का हाल : हॉस्टल मेस में डॉक्टर्स समेत 60 से ज्यादा लोग थे, 9 की मौत, 32 घायल :
अहमदाबाद के जिस बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल बिल्डिंग पर विमान गिरा था, उसमें हादसे के वक्त रसोइयों, डॉक्टर, कर्मचारी समेत 60 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इनमें से 5 डॉक्टर और उनके रिश्तदारों समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई। 32 घायलों में ज्यादातर वो हैं, जो उस वक्त खाने के लिए मेस आ रहे थे। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार घटना से पहले कुछ डॉक्टर्स मेस से खाना खाकर जा चुके थे। उसके तुरंत बाद खाना खाने पहुंचे डॉक्टर्स मेस में ही घिर गए। गुजरात आईएमए के प्रेसिडेंट डॉ. मेहुल शाह ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सक्रियता दिखाते हुए 100 डॉक्टरों ने मिलकर 45 मेडिकल स्टूडेंट्स की जान बचा ली।
कमरों में पहुंचे तो डॉक्टरों को आधा सामान जला मिला :
क्रैश साइट पर 4 इमारतें हैं। यूएन मेहता के डॉक्टर ब्लॉक नंबर 1 में, सिविल अस्पताल के डॉक्टर ब्लॉक 4 में और कैंसर विभाग के डॉक्टर ब्लॉक 2 व 3 में रहते थे। अगले दिन जब कैंसर विभाग के 50% डॉक्टर अपना सामान लेने कमरों में पहुंचे तो उन्हें आधा सामान राख मिला। जो सामान बचा, वो उन्हें अपने साथ लेकर चले गए।
हॉस्टल की छत पर था ब्लैक बॉक्स, 1000° तापमान में बस यही बचा :
हॉस्टल बिल्डिंग की छत पर मिले ब्लैक बॉक्स यानी डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर में विमान की ऊंचाई, गति, इंजन का तकनीकी डेटा, कॉकपिट वॉयस, बातचीत रिकॉर्ड रहती है। कैसे बचाः विमान में 1.25 लाख ली. ईंधन था। इसमें विस्फोट से वहां 1000° तापमान हुआ। इससे सब खाक हो गया, लेकिन ब्लैक बॉक्स बच गया, क्योंकि टाइटेनियम से बना यह नारंगी बॉक्स गुरुत्वाकर्षण से 3400 गुना ज्यादा बल सह सकता है। 1100° तापमान में 1 घंटे और पानी में 6 हजार मी. गहराई में 30 दिन बचा रहेगा।
वीटी-एएनबी 36279 विमान पहले भी गड़बड़ी मिली : अहमदाबाद हादसे वाला विमान 5 साल पहले 7 महीने ग्राउंडेड रहा था :
हादसे का शिकार हुआ बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 (बीटी-एएनबी 36279) 17 नवंबर 2019 से 7 महीने तक ग्राउंडेड रहा था। लेकिन, इसकी वजह आज तक सामने नहीं आई। इंटरनेशनल एविएशन इंडस्ट्री के लिए गहराई से रिसर्च, रियल टाइम ट्रैकिंग करने वाली कंपनी ‘सिरियम’ के मुताबिक ग्राउंडेड के वक्त विमान मुंबई एयरपोर्ट पर स्टोरेज में रखा गया। फिर 14 जून 2020 को दोबारा सर्विस में आया। यह अवधि सामान्य शेड्यूल मेंटेनेंस टक्ष्म से कहीं ज्यादा है। आम तौर पर एओजी (एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड) का विवरण पब्लिक डोमेन में होता है, लेकिन इसका आज तक नहीं है।
ड्रीमलाइनर का एक अन्य विमान :दो साल 17 हजार फीट पर बंद हो चुका था इंजन :
नई दिल्ली। जिस ड्रीमलाइनर 787-8 विमान में हादसा हुआ, उसी श्रेणी का एक अन्य विमान में 4 अगस्त 2023 को बड़ी समस्या आ गई थी। डीजीसीए के डिप्टी डॉयरेक्टर (एयर सेफ्टी) रोहित मिताइ की एक रिपोर्ट बताती है कि तब इसमें 267 लोग मुंबई से लंदन जा रहे थे। 17 हजार फीट ऊपर एक इंजन बंद हो गया था। कंट्रोल की कोशिश की तो संकेत बंद हो गए। फिर दूसरे इंजन से लैंड कराना पड़ा। जांच में क्या मिलाः हाई प्रेशर कंप्रेसर से ब्लेड या पंखे जैसा हिस्सा अलग हुआ, क्योंकि इसे फिक्स करने वाले लॉक्स सही से नहीं लगे थे।
ऐसे बचे मिरेकल मैन : इमरजेंसी विंडो के पास बैठा था,विमान गिरा तो साइड डोर टूटा,यहीं से निकल आया :
जिंदा बचे एकमात्र यात्री ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश ने शुक्रवार को इस ‘चमत्कार’ की पूरी कहानी बताई। रमेश के मुताबिक, ‘मैं जिस 11ए सीट पर बैठा था, वो इमरजेंसी गेट के बगल में थी। जैसे ही विमान जमीन पर गिरा, तो इमरजेंसी गेट टूटकर थोड़ा खुला। मैं सीट समेत इसी से बाहर आया और मलबे से दूर चला गया। विश्वास नहीं हो रहा जिंदा हूं। वहीं गुजरात पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने भी विश्वास से मुलाकात की।
अपनों के यही निशां बाकी तस्वीर दिखाकर लगा रहे गुहार :
हादसे में जो नहीं बचे, उनकी यही तस्वीरें निशानी के रूप में हैं। परिजन शुक्रवार को इन्हें दिखाकर ही अपनों का सुराग ढूंढ़ते रहे।जिन शवों की पहचान हो गई, उन्हें सौंप दिया।बाकी शव इन्हीं डीएनए सैंपल से खोजे जाएंगे।