हरियाणा के ADGP वाई. पूरन कुमार ने खुद को मारी गोली, DGP शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर भेजे गए

हरियाणा के ADGP वाई. पूरन कुमार ने खुद को मारी गोली, DGP शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर भेजे गए
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चंडीगढ़/पंचकूला:
हरियाणा पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाई. पूरन कुमार ने अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे हुई, जब वे अपने सरकारी क्वार्टर में अकेले थे।
जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, आसपास के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


🔹 घटना स्थल से बरामद सुसाइड नोट की जांच जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल से एक सुसाइड नोट मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि उसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
चंडीगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू कर दी है। कमरे को सील कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
जांच अधिकारी के मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण थे।


🔹 कौन थे वाई. पूरन कुमार?

वाई. पूरन कुमार हरियाणा कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी थे।
वे राज्य पुलिस में कई अहम पदों पर रह चुके थे, जिनमें ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) और ADGP (ट्रेनिंग) शामिल हैं।
अपने सख्त अनुशासन और प्रोफेशनल रवैये के लिए जाने जाने वाले पूरन कुमार को हाल ही में कुछ प्रशासनिक फेरबदल के बाद नई जिम्मेदारी दी गई थी।
उनकी छवि एक ईमानदार और कड़े अफसर की रही है, जिन पर कभी कोई गंभीर आरोप नहीं लगे।


🔹 DGP शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर भेजे गए

इस घटना के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने का आदेश जारी किया है।
हालांकि आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम “प्रशासनिक सुविधा” के लिए उठाया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह निर्णय ADGP वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद उठे सवालों के चलते लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि ADGP और DGP के बीच पिछले कुछ महीनों से कामकाज को लेकर मतभेद की खबरें थीं, हालांकि इस पर दोनों अधिकारियों ने कभी सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की।


🔹 सरकार ने बनाई SIT — जांच के आदेश

हरियाणा सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है।
SIT का नेतृत्व पंचकूला के IG स्तर के अधिकारी करेंगे।
जांच टीम को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्री ने कहा, “यह एक दुखद और संवेदनशील मामला है। हर पहलू की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।”


🔹 पुलिस महकमे में शोक और सन्नाटा

इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर ADGP वाई. पूरन कुमार को श्रद्धांजलि दी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “वे बेहद शांत और समझदार अफसर थे। किसी ने नहीं सोचा था कि वे ऐसा कदम उठा लेंगे।”
उनके अधीन काम करने वाले कई अधिकारियों ने कहा कि वे अक्सर काम का तनाव खुद पर नहीं आने देते थे, जिससे यह आत्महत्या सभी को चौंकाने वाली लग रही है।


🔹 परिवार और व्यक्तिगत जीवन

पूरन कुमार अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ में ही रहते थे।
उनकी पत्नी शिक्षिका हैं और दो बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों ने फिलहाल मीडिया से बात करने से इनकार किया है।
परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है और अधिकारियों ने उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।


🔹 आत्महत्या के संभावित कारण — दबाव या विवाद?

हालांकि जांच जारी है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से विभागीय ट्रांसफर और कुछ प्रशासनिक फैसलों को लेकर पूरन कुमार असंतुष्ट थे।
कई बार उन्होंने कथित रूप से अपने करीबी सहयोगियों से कहा था कि “व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश नहीं दिखती।”
हालांकि, फिलहाल यह सब अटकलें हैं और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।


🔹 राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

इस घटना पर विपक्षी दलों ने भी सरकार को निशाने पर लिया है।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “हरियाणा की पुलिस व्यवस्था में गहरे स्तर पर दबाव और असंतुलन है, जिसकी वजह से एक वरिष्ठ अधिकारी को आत्महत्या तक मजबूर होना पड़ा।”
वहीं, भाजपा सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि “यह दुखद व्यक्तिगत घटना है, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।”


🔹 पुलिस अफसरों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे में मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे घंटे, राजनीतिक दबाव, और लगातार तनाव के चलते अधिकारी मानसिक रूप से टूटने लगते हैं।
हरियाणा पुलिस एसोसिएशन ने मांग की है कि राज्य में “Officer Well-being Programme” शुरू किया जाए, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।


🔹 निष्कर्ष — आत्महत्या ने छोड़े सवालों के साए

ADGP वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं —
क्या यह व्यक्तिगत तनाव का मामला था या संस्थागत दबाव का परिणाम?
क्या पुलिस महकमे में अंदरूनी मतभेद इतने गहरे थे कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी जान दे दी?
इन सवालों के जवाब अब SIT की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेंगे।
फिलहाल, हरियाणा पुलिस अपने एक ईमानदार अफसर के निधन से सदमे में है।

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