अमेरिका में कॉलेज स्पोर्ट्स में खेलने वाली पहली भारतीय महिला : चेन्नई की 23 साल की कृष्णा ने कोच की सलाह पर शॉट पुट के साथ डिस्कस खेलना शुरू किया

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चेन्नई की 23 साल की कृष्णा ने कोच की सलाह पर शॉट पुट के साथ डिस्कस खेलना शुरू किया :-

14 जून की तारीख भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी। इस दिन चेन्नई की 23 वर्षीय कृष्णा जयशंकर मेनन अमेरिका के नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन (एनसीएए) चैम्पियनशिप के डिस्कस थ्रो इवेंट में हिस्सा लेंगी। वे अमेरिका की सबसे बड़ी कॉलेज स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप का फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनेंगी। उनसे पहले केवल चार भारतीय पुरुष एथलीट्स ही इस लेवल पर खेल सके हैं। कृष्णा प्रतियोगिता में लास वेगास कीनेवादा यूनिवर्सिटी (यूएनएलवी) का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

बचपन में मजाक उड़ाया जाता था :

कृष्णा की कहानी प्रेरणा से भरी है। उनका जन्म चेन्नई में खेल से जुड़े परिवार में हुआ। कृष्णा के पिता जयशंकर मेनन और माता प्रसन्ना दोनों ने भारतीय बास्केटबॉल टीम की कप्तानी की है। इसलिए कृष्णा का खेलों की दुनिया में कदम रखना काफी स्वाभाविक था। हालांकि, यह उनके लिए इतना आसान नहीं रहा है। बचपन में शारीरिक बनावट के कारण उन्हें खूब परेशान किया जाता था। स्कूल में सहपाठी उनके शरीर का मजाक उड़ाते थे। हालांकि, उनकी शारीरिक बनावट ने ही उन्हेंखेल की दुनिया में पहला मौका दिलाया।

कृष्णा ने अकेले जमैका जाकर ट्रेनिंग ली :

पांचवीं कक्षा में 12 साल की कृष्णा की कद-काठी और ताकत देखकर उनकी शिक्षिका ने उन्हें शॉट पुट खेलने के लिए उतारा। यहीं से उनकी खेल यात्रा शुरू हुई। शॉट पुट में उन्होंने सीबीएसई नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा और कई मेडल जीते। इसके बाद 18 साल की उम्र में कृष्णा ने खेल को बेहतर करने के लिए जमैका जाकर ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। यहां उनकी मुलाकात कोच माइकल वासेल से हुई, जिन्होंने उन्हें डिस्कस थ्रो में उतरने की सलाह दी। इस सलाह ने उनके करियर और जीवन दोनों को बदल दिया। उन्होंने जमैका के नेशनल इवेंट्स में हिस्सा लेकर टेक्सास यूनिवर्सिटी, एल पासो की स्कॉलरशिप हासिल की। इसके बादवह यूएनएलवी चली गईं।

कृष्णा लगातार अपने खेल को बेहतर करती जा रही थीं। लेकिन साल 2023 में कृष्णा को चोटों और कोच की कमी ने पूरी तरह से तोड़ दिया। खराब सीजन के चलते उन्होंने अपनी स्कॉलरशिप का कुछ हिस्सा खो दिया और उन्हें पार्ट टाइम जॉब तक करनी पड़ी।

हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2025 में शानदार वापसी की। कृष्णा ने यूएनएलवी का 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए डिस्कस थ्रो में 55.61 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अब वह एनसीएए फाइनल में छाप छोड़ने को तैयार हैं। कृष्णा का लक्ष्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि 2028 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।

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