अमेरिका ने भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए एक बड़ी नीति बदलाव की घोषणा की है। अब ड्रॉपबॉक्स वीजा प्रोग्राम बंद कर दिया गया है, जिसके तहत कुछ योग्य आवेदकों को वीजा नवीनीकरण (Renewal) के लिए इंटरव्यू देने से छूट मिलती थी।
क्या था ड्रॉपबॉक्स वीजा प्रोग्राम?
ड्रॉपबॉक्स प्रोग्राम एक विशेष सुविधा थी, जिसमें कुछ शर्तों को पूरा करने वाले भारतीय नागरिक बिना इंटरव्यू दिए ही वीजा नवीनीकरण करा सकते थे।
यह सुविधा खासकर उन छात्रों और पेशेवरों के लिए बेहद फायदेमंद थी, जो अमेरिका में पढ़ाई या नौकरी कर रहे थे और जिनका वीजा रिन्यू होना था।
अब क्या बदलेगा?
नई नीति के तहत अब हर आवेदक को इंटरव्यू देना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि—
- वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया लंबी हो जाएगी
- अपॉइंटमेंट के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है
- यात्रा योजनाओं में देरी हो सकती है
किस पर असर पड़ेगा?
इस फैसले का सीधा असर उन लाखों भारतीय छात्रों, आईटी पेशेवरों और शोधकर्ताओं पर पड़ेगा जो अमेरिका में रह रहे हैं या वहां जाने की योजना बना रहे हैं। विशेष रूप से H-1B, F-1 और L-1 वीजा धारकों को अब अधिक औपचारिकताओं से गुजरना होगा।
विशेषज्ञों की राय
कई इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अमेरिकी वीजा प्रक्रिया पर पहले से मौजूद दबाव को और बढ़ा सकता है। वहीं, कुछ का मानना है कि यह कदम वीजा धोखाधड़ी और सुरक्षा चिंताओं को कम करने के लिए उठाया गया है।








