मोदी सरकार अपनी तीसरी पारी में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में, केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार और नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए एक बड़ी प्रोत्साहन योजना – एंप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने 1.07 लाख करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।
ELI योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित की जाएगी। ELI योजना का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के बड़े अवसर पैदा करना है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि निजी कंपनियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मुख्य विशेषताएं:
- 1.92 करोड़ लोगों को पहली नौकरी: ELI स्कीम का उद्देश्य निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के बेहतर अवसर पैदा करना है, जिससे अनुमानित तौर पर 1.92 करोड़ लोगों को पहली नौकरी मिलेगी।
- नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता: नियोक्ता कंपनियों को हर अतिरिक्त रोजगार पर केंद्र सरकार वित्तीय सहायता देगी।
- प्रोत्साहन राशि: नियोक्ताओं को कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो साल तक 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलेगा।
ELI योजना के दो भाग:
कैबिनेट के फैसले के संबंध में जारी बयान में कहा गया है कि ELI योजना 2025 से 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगी। इस योजना में दो भाग हैं:
- भाग-ए (पहली बार काम करने वालों के लिए): EPFO के साथ पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन (अधिकतम 15,000 रुपये) दो किस्तों में दिया जाएगा।
- पहली किस्त: छह महीने की सेवा के बाद देय होगी।
- दूसरी किस्त: 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी।
- बचत को प्रोत्साहन: प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए जमा खाते के बचत साधन में रखा जाएगा, जिसे कर्मचारी बाद में निकाल सकेगा।
- भाग-बी (नियोक्ताओं के लिए): यह भाग नियोक्ताओं पर केंद्रित है, उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों को रखने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय:
- अनुसंधान व इनोवेशन के लिए 1 लाख करोड़ की मंजूरी: अनुसंधान, विकास एवं इनोवेशन (RDI) के लिए अब वित्तीय समस्या नहीं रहेगी। कैबिनेट ने RDI के लिए एक लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। पिछले साल जुलाई में पेश बजट में इसकी घोषणा की गई थी।
- ‘खेलो भारत नीति 2025’ को स्वीकृति: भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर शीर्ष पंक्ति में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘खेलो भारत नीति 2025’ को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत को खेलों में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल करने की रणनीतिक योजना बताया है।
ये सभी घोषणाएं केंद्रीय बजट 2024-25 में प्रधानमंत्री की पांच योजनाओं के पैकेज के हिस्से के रूप में की गई थीं, जिसका कुल बजट दो लाख करोड़ रुपये है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ईएलआई योजना को रोजगार सुरक्षा का समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई है।








