नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने आज एक महत्वपूर्ण और विस्तृत बयान जारी करते हुए उन सभी अटकलों और भ्रामक जानकारियों पर विराम लगा दिया, जो हालिया “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर प्रसारित हो रही थीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में भारत को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है, और यह पूरी तरह से सफल रहा है।
डोभाल ने अपने संबोधन में देश को आश्वस्त करते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर एक अत्यंत जटिल, संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अभियान था। इसे हमारी सुरक्षा एजेंसियों और सशस्त्र बलों द्वारा असाधारण दूरदर्शिता, सटीकता और समन्वय के साथ अंजाम दिया गया।” उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि, “हमने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सावधानी बरती कि हमारे किसी भी बहादुर जवान या हमारी राष्ट्रीय संपत्ति को किसी भी तरह की क्षति न पहुंचे। यह हमारी प्राथमिकता थी, और हम इसमें सफल रहे।”
उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि इस अभियान की सफलता भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। डोभाल ने कहा, “यह सिर्फ एक ऑपरेशन की सफलता नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने और अपनी संप्रभुता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है। हमारी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां निरंतर सतर्क रहती हैं और देश के दुश्मनों के हर मंसूबे को नाकाम करने के लिए तत्पर रहती हैं।”
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने ऑपरेशन सिंदूर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी जवानों, अधिकारियों और खुफिया कर्मियों के असाधारण साहस, बलिदान और पेशेवर क्षमता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “राष्ट्र इन गुमनाम नायकों का हमेशा ऋणी रहेगा, जिन्होंने दिन-रात एक करके देश की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनका समर्पण और निस्वार्थ सेवा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
यह विस्तृत स्पष्टीकरण उन निराधार अफवाहों और गलत सूचनाओं को पूरी तरह से खारिज करता है, जो इस ऑपरेशन की प्रभावशीलता और परिणामों पर सवाल उठा रही थीं। डोभाल के बयान से न केवल जनता में व्याप्त किसी भी आशंका को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की सुरक्षा तैयारियों और सरकार की क्षमता पर विश्वास और मजबूत होगा।
भारत सरकार देश की सुरक्षा, अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी देश किसी भी आंतरिक या बाहरी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगा, और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।








