अमेरिका ने पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार TRF को घोषित किया आतंकी संगठन: भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

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वाशिंगटन डी.सी./नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर एक विदेशी आतंकवादी संगठन (Foreign Terrorist Organization – FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (Specially Designated Global Terrorist – SDGT) घोषित कर दिया है। यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है, जिसने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत किया है।


 

पहलगाम हमले का खूनी मंज़र

 

पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक आतंकी हमला था। हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़ितों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया, गोली मारने से पहले उन्हें ‘कलमा’ पढ़ने के लिए कहा गया था। मारे गए 26 पीड़ितों में से अधिकांश हिंदू थे। इस हमले ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया था। TRF ने शुरुआत में इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते बाद में उसने अपने बयान से इनकार कर दिया था।


 

कौन है TRF?

 

‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba – LeT) का एक मुखौटा और प्रॉक्सी संगठन है। इसे 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी के रूप में बनाया गया था और भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को इसे एक आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। TRF जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है और ऐसे लोगों की भर्ती करता है जो आम तौर पर नागरिक प्रतीत होते हैं, लेकिन गुप्त रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इन्हें ‘हाइब्रिड आतंकवादी’ कहा जाता है। यह संगठन ऑनलाइन युवाओं की भर्ती, आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद करने और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, TRF के संचालन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का समर्थन प्राप्त है, जो कश्मीर क्षेत्र को अस्थिर रखने की अपनी रणनीति के हिस्से के रूप में इस समूह का उपयोग करती है। TRF ने भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों की भी जिम्मेदारी ली है, जिसमें हाल ही में 2024 में हुआ हमला भी शामिल है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने TRF के प्रमुख शेख सज्जाद गुल को पहलगाम हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है।


 

अमेरिकी कार्रवाई का महत्व

 

अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार (अमेरिकी समयानुसार) को जारी एक बयान में TRF को आतंकी संगठन घोषित करने की पुष्टि की। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह फैसला ट्रंप प्रशासन की अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने, आतंकवाद का मुकाबला करने और पहलगाम हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के न्याय के आह्वान को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अमेरिकी सरकार के इस कदम से TRF पर कई तरह के कानूनी प्रतिबंध लगेंगे, जिनमें वित्तीय पाबंदी, यात्रा पर रोक और हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध शामिल हैं। यह अमेरिका में मौजूद व्यक्तियों और संस्थाओं को TRF को किसी भी प्रकार की सहायता देने से भी रोकेगा।

भारत ने इस कदम का स्वागत किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश विभाग के फैसले की सराहना करते हुए इसे “भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग का एक मजबूत प्रमाण” बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता!”। यह कदम TRF को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कलंकित और अलग-थलग करेगा, दान या योगदान को रोकेगा, और अन्य सरकारों को TRF के बारे में चिंताओं का संकेत देगा। इससे भारत को संयुक्त राष्ट्र में भी TRF को सूचीबद्ध करने में मदद मिलेगी।


 

भारत की जवाबी कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास

 

पहलगाम हत्याकांड के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसके तहत नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तानी क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क पर लक्षित हमले किए गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष भी शुरू हुआ, जो 10 मई को समाप्त हुआ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ अपनी बैठकों और पिछले महीने वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में TRF हमले का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस पार्टी के नेता शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने भी पिछले महीने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों और अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें TRF की भूमिका से अवगत कराया था।

यह अमेरिकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब आतंकवादियों को जवाबदेह ठहराने के लिए एकजुट हो रहा है।


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