अंडमान के समंदर में कच्चे तेल और गैस का बड़ा भंडार मिला ,यह पेट्रोलियम भंडार हाल ही में गुयाना में मिले 11.6 अरव वैरल तेल और गैस भंडार के वरावर :-
अंडमान के समुद्र में भारत को कच्चे तेल और गैस का बड़ा भंडार मिला है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि यह पेट्रोलियम भंडार गुयाना में मिले कच्चे तेल के रिजर्व के बराबर लग रहा है। फिलहाल इस भंडार पर शोध चल रहा है और इसे निकालने के तरीकों पर काम किया जा रहा है। अगर यह मिल जाता है तो अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में काफी फायदा होगा।
भारत के लिए कच्चे तेल का यह भंडार कितना मायने रखता है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि अभी हम अपनी जरूरत का 85 से 86 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से मंगाते हैं। भारत फिलहाल 42 देशों से कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन ईरान और इजरायल में जारी युद्ध का असर इस पर पड़ सकता है। भारत कुल खरीद का करीब 46 प्रतिशत तेल पश्चिम एशिया से मंगाता है और दोनों देशों के बीच जारी तनाव से यहां तेल महंगा होने की आशंका है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अंडमान के समुद्र में मिला यह भंडार हाल ही में गुयाना में पाए गए भंडार जितना ही लग रहा है। गुयाना में हाल में ही 11.6 अरब बैरल तेल एवं गैस का भंडार मिला है, जिसे चीन की कंपनी के साथ मिलकर खोजा गया। इस भंडार के बाद गुयाना कच्चे तेल के उत्पादन में शीर्ष पर पहुंच सकता है। अभी वह 17वें पायदान पर है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, इससे भारत की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में फायदा मिलेगा :
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अगर यह तेल भंडार हमारे अनुमान के मुताबिक है और इसे निकाला जा सका तो न सिर्फ भारत की ऊर्जा जरूरतें एक झटके में पूरी हो जाएंगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कुछ कुओं में हुई खोदाई और वहां तेल और गैस भंडार के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि सूर्यमणि नामक एक कुएं से 40 लाख टन तेल की क्षमता पाई गई। नीलमणि कुएं में 12 लाख टन तेल की क्षमता पाई है।वहीं एक अन्य कुएं से 2,865 मीटर की गहराई पर तेल और गैस दोनों के भंडार पाए गए। कई कुओं से तेल मिला और अब इसका आकलन किया जा रहा है।