किसी भी उद्यम या संस्थान ने जितने दिन प्रदूषण नियमों का उल्लंघन किया, उन पूरे दिनों का जुर्माना पर्यावरण क्षति में शामिल होगा :
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले सभी छोटे बड़े बड़े उद्यमों-संस्थानों पर अब एक समान जुर्माना नहीं लगेगा। ऐसे सभी इलाकों, जहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता है, को चिह्नित कर यह देखा जाएगा कि कौन से उद्यम और संस्थान एक्यूआइ बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनकी लोकेशन, कुल क्षेत्र, काम के स्केल और सप्ताह या माह भर में वहां कितने दिन कितना प्रदूषण रहा, इस आधार पर जुर्माना राशि तय की जाएगी। इससे छोटे उद्यमों व संस्थानों पर कम बोझ पड़ेगा। जिसका जितने दिन प्रदूषण होगा, उससे उतने ही दिनों का जुर्माना लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक प्रदूषण के मामलों में पांच आधार पर पर्यावरण क्षति का जुर्माना होगा। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश के मुताबिक किसी भी उद्यम या संस्थान ने जितने दिन प्रदूषण नियमों का उल्लंघन किया, उन पूरे दिनों का जुर्माना पर्यावरण क्षति में शामिल होगा। इसके अलावा, जुर्माने की राशि तय करने के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर, लोकेशन व अन्य आधार को शामिल किया गया है।
बिल्डिंग मैटीरियल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए नियम उल्लंघन होने पर : 75,00 रुपये हर मामले के लिए,
इसके अलावा बिना औपचारिकता पूरी किए औद्योगिक इकाई शुरू करने, प्रतिवचित ईंधन का इस्तेमाल करने, धुजां रोकने के मानकी का पालन न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए जुर्माने का एक फार्मूला सेट किया गया है। यह फार्मूला उद्योगों की श्रेणी, इकाई का आकार, कितने दिन नियम लेख के आधार पर सेट किया गया है।
नियमों के अनुसार निर्माण साइटों पर एंटी स्माग गन कम होना या न लगाने पर :
हर साइट पर 7,500 रुपये प्रतिदिन प्रति साइट
उस धूल रोकने के उपाय न करने पर :
500 वर्ग मीटर तक के निर्माण पर 7,500 रुपये प्रतिदिन
500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण पर 15,000 रुपये प्रतिदिन
निर्माण व तोड़फोड़ के लिए वेबपोर्टल पर सेल्फ आडिट रिपोर्ट अपलोड न करने पर :
20,000 वर्ग मीटर तक के निर्माण के लिए 20,000 रुपये
20,000 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण के लिए 40,000 रुपये
कितना लिया जाएगा जुर्माना डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर :
20 से 125 कि.वा. के डीजल जन्नरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिदिन 7,500 रुपये
800 कि.वा. के डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिदिन 15,000 रुपये
800 कि.वा. के डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिदिन 25,000 रुपये
डीपीसीसी या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पंजीकरण न कराने पर :
20,000 वर्ग मीटर तक के निर्माण पर 1,00,000 रुपये
20,000 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण पर 2,00,000 रुपये
सीएक्यूएम द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित क्षेत्र में प्रदूषण इंडेक्स, जितने दिनों तक प्रदूषण नियमों का उल्लंघन किया गया, रुपयों में इसको गणना, किस पैमाने पर उद्यम का संचालन किया गया और उद्यम या संस्थान की लोकेशन क्या है, किस उद्यम ने पर्यावरण को कितनी क्षति पहुंचाई है, इत्यादि के आधार पर जुर्माना तय किया जाएगा।