छत्तीसगढ़ का मामला जमीन विवाद का केस वापस लेने का बनाया दबाव :कोर्ट में चल रहे जमीन संबंधी केस पर समाज ने फैसला थोपना चाहा

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 समाज ने बहिष्कार किया, गांव में होने नहीं दी बेटी की शादी; बुजुर्ग ने की खुदकुशी

कोर्ट में चल रहे जमीन संबंधी केस पर समाज ने फैसला थोपना चाहा। वृद्ध के मानने से इनकार किया तो उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर वृद्ध ने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। समाज ने उसके अंतिम संस्कार व दशकर्म में गांव के लोगों को शामिल नहीं होने दिया। यहां तक कि वृद्ध की पोती की शादी भी गांव में नहीं होने दी। इससे पीड़ित परिवार गांव छोड़ने पर मजबूर हो गया। वृद्ध का बेटा मकान व खेती छोड़कर परिवार के साथ अब दूसरेगाँव में रह रहा है।

सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम सरवानी निवासी महेत्तरराम साहू पिता धनीराम साहू(75) के दो बेटों में से चितेंद्र (45) बड़ा था। बीमारी से उसकी मौत हो गई। दूसरा बेटा जितेंद्र (44) गांव में खेती-किसानी करता है। जमीन बंटवारे को लेकर महेत्तरराम का बड़े बेटे चितेंद्र की पत्नी बिमला बाई साहू से विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में है। यहां से फैसला होना बाकी है।

इस मामले को लेकर 28 मार्च को गांव में समाज के लोगों ने बैठक बुलाकर महेत्तरराम साहू की बहू के पक्ष में फैसला दे दिया और महेत्तरराम पर केस वापस लेने का दबाव बनाते हुए धमकी दी। महेत्तरराम ने उनका फैसला मानने से इनकार कर दिया तो उस सामाजिक बहिष्कार कर गया। इससे दुखी महेत्तरराम ने 1 अप्रैल 2025 को गांव के ट्रांसफार्मर में जाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया, पर करंट के झटके से दूर जा गिरे।

लड़की की शादी दूसरे गांव में जाकर की :

महेत्तराम के छोटे बेटे जितेंद्र ने किसी तरह क्रियाकर्म पूरा कराया। जितेंद्र की बेटी की 18 अप्रैल 2025 को शादी थी। कार्ड भी छप गया था पर समाज के लोगों ने जितेंद्र को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। जितेंद्र अपने घर में ताला लगाकर परिवार को लेकर ससुराल ग्राम बबगुड़वा आ गया। यहां बेटी की शादी की, पर गांव से कोई नहीं आया।

फसल काटने दूसरे गांव से लाना पड़ा मजदूरः

जितेंद्र की गांव में खेती है। इनमें धान की फसल लगाई थी। काटने का समय आया तो वह गांव आया, पर मजदूरों ने मना कर दिया। मजबूरन उसे दूसरे गांव से मजदूर लाकर हार्वेस्टर से धान कटवाना पड़ा।

न्याय पाने भटक रहा परिवार सामाजिक :

बहिष्कार का दंश झेल रहा परिवार न्याय पाने के लिए थाना व पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट रहा है, पर कोई उसकी बात नहीं सुन रहा है।

एसपी से बात कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खुदकुशी के केस में कथित सुसाइड नोट को जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजने की जानकारी मिली है। पीड़ित को न्याय जरूर मिलेगा।

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