प्रयागराज की सदर तहसील में राजस्व कर्मियों ने एक महिला को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र जारी किया है, जो निकाह के बाद पाकिस्तान में रह रही है और अपनी मां की आश्रित पेंशन भी ले रही है। मंडलायुक्त के निर्देश पर हुई जांच में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें धनी लोगों को भी ये प्रमाण पत्र दिए गए हैं। अधिकारियों को महिला के पाकिस्तान में रहने की जानकारी होने के बावजूद उसका प्रमाण पत्र रद्द नहीं किया गया है, जिससे इस धोखाधड़ी पर सवाल उठ रहे हैं।
सदर तहसील में तैनात राजस्व कर्मियों की मनमानी पर लगता है कि अफसरों की नजर नहीं पड़ रही है। तभी तो इस तहसील में तैनात लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार ने करेली मुहल्ला की एक ऐसी महिला का ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) सर्टिफिकेट बना दिया, जो निकाह के बाद पाकिस्तान स्थित अपनी ससुराल में रह रही है।
वह महिला भारत में उप प्रधानाचार्य रही अपनी मां की आश्रित पेंशन का भी ले रही है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के निर्देश पर डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने पिछले दिनों मजिस्ट्रेट की जांच बैठाई तो अब बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी हैं। सदर तहसील में तैनात लेखपाल, कानूनगो व नायब तहसीलदार ने बड़ा कारनामा करते हुए ऐसे लोगों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बना दिया, जिनके पिता एक बड़े सरकारी संस्थान में लेखाधिकारी व मां उप प्रधानाचार्य थीं।
यही नहीं 200 से एक हजार वर्ग गज तक के प्लाट, 150 से 500 वर्ग गज भूमि पर बने दो, चार मंजिला मकान तक के मालिकों का भी यह प्रमाण पत्र बना दिया गया। अभी जांच में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लेखपाल से लेकर कानूनगो और नायब तहसीलदार तथा तहसीलदार को भी यह जानकारी हो गई है कि महिला अब पाकिस्तान में रहने लगी है।
फिर भी उनका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अब तक नहीं निरस्त किया जा सका है। बताते हैं कि महिला अपने पति के साथ पिछले दिनों प्रयागराज में थीं। इस फर्जीवाड़े की शिकायत हुई तो वह वह खाड़ी देश होते हुए पाकिस्तान चली गईं।
सीएमपी के असिस्टेंट प्रोफेसर शशांक शेखर राय का ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। इसके कारण उनका वेतन रोक दिया गया है। उनका यह प्रमाण पत्र उनके गृह जनपद गाजीपुर से बना था। करेली की एक मुस्लिम महिला की शिकायत पर उनका प्रमाण पत्र गाजीपुर जिला प्रशासन की ओर से निरस्त कराया जा चुका है।
इसके बाद ही शशांक ने करेली की महिला की ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट को लेकर शिकायत की थी। इस पर उनका भी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था। हालांकि बाद में महिला का सर्टिफिकेट बहाल कर दिया गया। इस महिला की बहन, जो पाकिस्तान में रहने लगी हैं और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र का लाभ ले रही है।
इस प्रकरण में मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई जा रही है। जांच में किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसके लिए भी कड़े निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाही कराई जाएगी।




