📰 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मुठभेड़: ऑपरेशन त्राशी-1 में 8 जवान घायल, 2 की हालत गंभीर
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। किश्तवाड़ जिले के दुर्गम और संवेदनशील छतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। इस अभियान को सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम दिया है।

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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आतंकवादियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले और अंधाधुंध गोलीबारी में भारतीय सेना के 8 जवान घायल हो गए हैं। इनमें से 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर के जरिए उच्च स्तरीय सैन्य अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया है।
🔫 कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि छतरू के घने जंगलों में कुछ आतंकवादी छिपे हुए हैं। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।
तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक ग्रेनेड फेंक दिया और गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ ने गंभीर रूप ले लिया।
🚁 घायलों को किया गया एयरलिफ्ट
मुठभेड़ के दौरान घायल हुए जवानों को पहले नजदीकी फील्ड अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने के कारण 2 जवानों को हेलीकॉप्टर से उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया। रक्षा सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
🇮🇳 गणतंत्र दिवस से पहले हाई अलर्ट
गौरतलब है कि यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हो रही है जब देश गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जुटा है। इसी वजह से पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है।
विशेषकर श्रीनगर, राजौरी, पुंछ और किश्तवाड़ जैसे जिलों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
🌲 इलाका क्यों है चुनौतीपूर्ण?
छतरू क्षेत्र पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं। संकरे रास्ते, ऊंची पहाड़ियां और घना जंगल आतंकियों को छिपने और हमला करने में मदद करता है।
फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है ताकि आतंकियों को किसी भी हाल में भागने का मौका न मिले।
🛡️ आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान चलाया जा रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने कई सफल ऑपरेशनों को अंजाम दिया है, जिससे आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
📢 सरकारी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आतंकियों को उनके मंसूबों में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
🔍 स्थिति पर ताज़ा अपडेट
- मुठभेड़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है
- पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
- ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल
- स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह
✍️ निष्कर्ष
किश्तवाड़ की यह मुठभेड़ एक बार फिर दिखाती है कि जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। लेकिन सुरक्षाबलों का साहस, सतर्कता और बलिदान यह सुनिश्चित करता है कि देश की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहे।
ऑपरेशन त्राशी-1 के नतीजों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।








