दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: एनआईए जांच में ‘बांग्लादेश कनेक्शन’ का खुलासा, हमलावर का मददगार कश्मीरी सहयोगी गिरफ्तार
17 नवंबर 2025 | नई दिल्ली: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार बम धमाके की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में अब इस आतंकी हमले के तार पाकिस्तान के साथ-साथ ‘बांग्लादेश’ से भी जुड़ते दिख रहे हैं । इस मामले में एनआईए ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के एक करीबी कश्मीरी सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
एजेंसियां अब इस पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने के लिए हमलावर के अंतिम घंटों के रूट को भी रीक्रिएट (recreate) कर रही हैं।
एनआईए की पहली गिरफ्तारी: हमलावर का ‘मददगार’ आमिर राशिद अली
एनआईए ने 16 नवंबर को इस मामले में अपनी पहली आधिकारिक गिरफ्तारी की। एजेंसी ने कश्मीर के पाम्पोर निवासी आमिर राशिद अली को हिरासत में लिया है। एनआईए के मुताबिक, अली ने आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी के साथ मिलकर “आतंकवादी हमला करने की साजिश रची थी”।
जांच में पता चला है कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई हुंडई i20 कार आमिर राशिद अली के नाम पर ही पंजीकृत थी। अली इस साजिश में एक “सहायक” (facilitator) था, जो विशेष रूप से कार खरीदने की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए दिल्ली आया था। यह गिरफ्तारी एनआईए को इस मॉड्यूल के लॉजिस्टिक और वित्तीय नेटवर्क तक ले जाने में महत्वपूर्ण कड़ी है।
जांच के केंद्र में ‘बांग्लादेश कनेक्शन’
गिरफ्तारी से भी ज्यादा चिंताजनक इस साजिश में ‘बांग्लादेश कनेक्शन’ का उभरना है। जांच एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि इस हमले के तार बांग्लादेश से जुड़े हो सकते हैं । यह कनेक्शन दो प्रमुख सुरागों पर आधारित है:
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बांग्लादेश में गुप्त बैठक: जांच सूत्रों के अनुसार, “लाल किला बम धमाके से पहले बांग्लादेश में एक गुप्त मीटिंग हुई थी” । बताया जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सदस्य भी शामिल थे ।
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‘डॉक्टर मॉड्यूल’ की भर्ती: यह हमला एक ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का काम है, जिसमें डॉ. उमर नबी जैसे शिक्षित पेशेवर शामिल थे। अब, दिल्ली पुलिस सक्रिय रूप से उन डॉक्टरों की सूची बना रही है, जिन्होंने बांग्लादेश और चीन के मेडिकल कॉलेजों से शिक्षा प्राप्त की है। आशंका है कि इन विदेशी कॉलेजों में कट्टरपंथी समूह सक्रिय हो सकते हैं जो छात्रों का “ब्रेन वॉश” (brainwash) कर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करते हैं।
हमलावर के रूट को रीक्रिएट करना: 5000+ सीसीटीवी खंगाले गए
एनआईए और दिल्ली पुलिस की टीमें साजिश की पूरी तह तक जाने के लिए हमलावर डॉ. उमर नबी के अंतिम घंटों का रूट “रीक्रिएट” कर रही हैं। इसके लिए 5,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया है।
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फुटेज से पता चलता है कि 10 नवंबर को हमलावर फरीदाबाद से सुबह 8:03 बजे बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुआ।
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इसके बाद वह दिन भर मध्य और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में घूमता रहा, जिसमें इंडिया गेट और कर्तव्य पथ भी शामिल हैं।
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दोपहर 3:29 बजे, उसने कार को लाल किला पार्किंग में पार्क किया और वहां लगभग तीन घंटे तक इंतजार किया।
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शाम 6:23 बजे वह पार्किंग से निकला और 6:50 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास कार में विस्फोट कर दिया।
आमिर अली की गिरफ्तारी और बांग्लादेश कनेक्शन के खुलासे ने इस जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। एनआईए अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, ‘व्हाइट-कॉलर’ मॉड्यूल की भर्ती प्रक्रिया, और इस साजिश में शामिल अन्य छिपे हुए मददगारों को बेनकाब करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।




