मध्य पूर्व से राहत: इजरायल और लेबनान 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमत, वैश्विक स्तर पर गिरे तेल के दाम
नई दिल्ली/बेरुत: मध्य पूर्व में महीनों से जारी तनाव के बीच आज एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों के बाद इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) पर औपचारिक सहमति बन गई है। इस घोषणा के साथ ही वैश्विक बाजारों में शांति की उम्मीद जगी है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
युद्धविराम की मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति के सक्रिय हस्तक्षेप के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस अस्थाई शांति समझौते को मंजूरी दी है।
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यह युद्धविराम 10 दिनों के लिए प्रभावी होगा।
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इसका मुख्य उद्देश्य मानवीय सहायता पहुंचाना और भविष्य में स्थायी शांति वार्ता के लिए आधार तैयार करना है।
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अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ इस दौरान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए “Memorandum of Understanding” पर काम करेंगे।
तेल की कीमतों में भारी गिरावट
इस खबर का असर दुनिया भर के कमोडिटी मार्केट पर तुरंत देखने को मिला। युद्ध की आशंका कम होने से वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और WTI की कीमतों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्धविराम स्थायी शांति की ओर बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और अधिक सुधार हो सकता है, जिससे भारत सहित कई तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिलेगी।
वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस कदम का स्वागत किया है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन 10 दिनों के भीतर जमीनी स्तर पर स्थितियां कितनी बदलती हैं, क्योंकि सीमा पर तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
नोट: रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह 10 दिन मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।








