नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: “21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला है महिला आरक्षण” – PM मोदी
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का आधार बताया और महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को समय पर लागू करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
संबोधन की मुख्य विशेषताएं:
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ऐतिहासिक कदम: PM मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने की दहलीज पर है। दशकों का इंतजार अब खत्म हो रहा है और संसद में महिलाओं की 33% भागीदारी जल्द ही हकीकत बनेगी।
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जमीनी नेतृत्व की सराहना: प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों और पंचायतों में नेतृत्व कर रही हैं, जो दुनिया के लिए एक मिसाल है।
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शिक्षा और करियर में प्रगति: उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि आज भारत में महिला पायलटों का प्रतिशत दुनिया में सबसे अधिक है और उच्च शिक्षा (PhD) में बेटियों की संख्या लड़कों से अधिक हो रही है।
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सरकारी योजनाओं का प्रभाव: उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और PM आवास योजना (जहाँ घर महिलाओं के नाम पर हैं) ने महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की है।
“जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो पूरी व्यवस्था में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता आती है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी








