अमित शाह का बंगाल दौरा: कोलकाता में BJP का ‘संकल्प पत्र’ जारी, शाह बोले- बंगाल अब ‘भय राज’ से मुक्ति चाहता है
कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने कोलकाता में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चुनावी घोषणापत्र, जिसे ‘संकल्प पत्र’ का नाम दिया गया है, जारी किया। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब ‘भय राज’ और ‘भ्रष्टाचार’ से ऊब चुकी है और राज्य में वास्तविक परिवर्तन चाहती है।
संकल्प पत्र की मुख्य घोषणाएं (Key Highlights)
अमित शाह द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र में राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए कई क्रांतिकारी वादे किए गए हैं:
-
महिलाओं को आर्थिक मजबूती: ‘लक्ष्मी भंडार’ के जवाब में भाजपा ने राज्य की हर महिला को ₹3000 प्रति माह देने का वादा किया है।
-
समान नागरिक संहिता (UCC): भाजपा सरकार बनने के 6 महीने के भीतर बंगाल में UCC लागू करने का संकल्प लिया गया है।
-
घुसपैठ पर कड़ा प्रहार: शाह ने “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” की नीति पर जोर देते हुए सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने का वादा किया।
-
सरकारी कर्मचारियों को तोहफा: राज्य में भाजपा की सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू करने का आश्वासन दिया गया।
-
रोजगार का रोडमैप: स्नातक युवाओं को नौकरी की तैयारी के लिए ₹3000 की मासिक सहायता और 5 साल में 1 करोड़ रोजगार के अवसर।
-
भ्रष्टाचार की जांच: शाह ने कहा कि पिछले 15 वर्षों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एक श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया जाएगा।
“बंगाल में अब भय नहीं, भरोसे का शासन होगा”
अमित शाह ने ट्वीट कर और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पिछले 15 साल बंगाल के लिए एक “बुरे सपने” की तरह रहे हैं। उन्होंने कहा:
“गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की यह भूमि जहाँ कभी ‘चित्त जेथा भयशून्य’ (जहाँ मन भयमुक्त हो) की गूँज थी, आज वहां डर का माहौल है। हमारा संकल्प पत्र बंगाल को इस निराशा से निकालकर ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
चुनावी समीकरण और शाह का दौरा
बंगाल में दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में होने वाले मतदान से पहले शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने वाला माना जा रहा है। संकल्प पत्र जारी करने के बाद गृह मंत्री पश्चिमी मेदिनीपुर और खड़गपुर में बड़ी जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।
विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इन वादों पर पलटवार किया है, जिससे बंगाल का चुनावी रण और भी दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह है कि भाजपा का यह ‘भरोसे का पत्र’ बंगाल की जनता का कितना दिल जीत पाता है।






