‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ पर चिदंबरम के बयान से कांग्रेस में मचा बवाल: पार्टी ने बताया निजी मत

‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ पर चिदंबरम के बयान से कांग्रेस में मचा बवाल: पार्टी ने बताया निजी मत
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नई दिल्ली / कासौली:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान ने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। कासौली में एक साहित्य समारोह में उन्होंने 1984 की ऑपरेशन ब्लू स्टार को “गलती” बताते हुए कहा कि यह एक “wrong way” था, जिस पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने इस बयान को उनका व्यक्तिगत विचार बताया है और पार्टी स्तर पर समर्थन या स्वीकृति नहीं दी है।


🔹 चिदंबरम का बयान — क्या कहा उन्होंने?

चिदंबरम ने कहा:

“No disrespect to any military officers here, but that (Blue Star) was the wrong way to retrieve the Golden Temple … उस गलती के लिए श्रीमती गांधी ने अपनी जान दी। लेकिन यह सिर्फ उनसे नहीं कहा जाना चाहिए — यह सेना, पुलिस, खुफिया और नागरिक सेवा का सामूहिक निर्णय था।”

उनका यह भी कहना रहा कि बाद में एक “right way” निकाली गई, जिसमें सेना को संरचना से बाहर रखा गया था।

चिदंबरम का यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय को छूता है क्योंकि ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय राजनीति और सिख समुदाय के बीच एक विवादित मुद्दा रहा है।


🔹 कांग्रेस की प्रतिक्रिया — “व्यक्तिगत मत”

कांग्रेस पार्टी ने तुरंत दूरी बनाई। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता हर्षवर्धन सपकल ने कहा कि चिदंबरम का बयान उनका व्यक्तिगत मत है।
कांग्रेस अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व “बहुत नाराज़” है और ऐसे सार्वजनिक बयानों से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है।

राशिद अल्वी ने चिदंबरम के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे वे भाजपा के narrative का समर्थन कर रहे हों।

एक पार्टी स्रोत ने भी कहा,

“एक वरिष्ठ नेता जिसने पार्टी से सब कुछ पाया, उसे ज़िम्मेदारी से बोलना चाहिए।Repeated statements that harm the party are not acceptable.”


🔹 भाजपा की प्रतिक्रिया — बयान को हथियार बनाकर हमला

भाजपा ने चिदंबरम के बयान को तुरंत अपने पक्ष में मोड़ लिया। R. P. सिंह ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार “completely avoidable” था और चिदंबरम ने सही कहा है।
भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि क्या पार्टी इस मानसिकता को स्वीकार करती है या नहीं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने भी टिप्पणी की कि यह बयान “बहुत देर से” आया है और कांग्रेस को इस तरह के बयानबाजियों से सावधान रहना चाहिए।

AAP ने भी इस मौके को भुनाया और कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों और मुद्दों को लेकर हमला बोला।


🔹 इतिहास का ब्योरा — ऑपरेशन ब्लू स्टार क्या था?

ऑपरेशन ब्लू स्टार जून 1984 में किया गया था, जब केंद्र सरकार ने सिख कट्टरपंथियों और जर्नैल सिंह भिंडरावाले के समर्थकों को हरमंदिर साहिब (Golden Temple) परिसर से निकालने का आदेश दिया।
इस सैन्य कार्रवाई में भारी मात्रा में गोलियाँ और तोपखाने का उपयोग हुआ, जिससे अनेक सैनिक, नागरिक और कट्टरपंथी मारे गए।
यह कार्रवाई सिख समुदाय में गहरा आक्रोश उत्पन्न करने वाली रही, क्योंकि धार्मिक स्थल को क्षति पहुंची और बाद में इसके प्रतिफल स्वरूप इंदिरा गांधी की हत्या और बाद में बड़े पैमाने पर दंगों की घटना हुई।
इतिहासशास्त्रियों के बीच यह बहस आज भी जारी है कि क्या सरकार के पास यह कदम लेने के अलावा कोई विकल्प था, और यदि था तो उसे अपनाया जाना चाहिए था या नहीं।


🔹 राजनीतिक मतलब और फड़फड़कती रणनीति

चिदंबरम का बयान कांग्रेस को 2025 चुनावी मौसम में अंदरूनी तनाव में डाल सकता है।
सिख मतदाता वाले राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में यह बयान कांग्रेस की छवि पर असर डाल सकता है।
कांग्रेस को सावधानी से संभलना होगा — यदि पार्टी इसे स्वीकार कर ले तो भाजपा इसे हथियार बना लेगी; यदि खारिज कर दे, तो चिदंबरम और उनके समर्थकों में विद्रोह का स्वर उठ सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिदंबरम ने बयान देकर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश की है — यह संकेत हो सकता है कि वे चाहते हैं कि कांग्रेस 1984 की घटनाओं पर अधिक ईमानदार और स्पष्ट रुख अपनाए।

कुछ नेताओं का कहना है कि चिदंबरम की कार्रवाई “स्पष्टता की मांग” है — उस विचार को स्वीकार करना या खारिज करना चाहिए जो वर्षों से कांग्रेस के लिए विवादित रहा है।


🔹 चिदंबरम के बयान का संभावित fallout

  1. पार्टी में विद्रोह — अन्य वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से विरोध कर सकते हैं।
  2. सिख मतदाताओं की प्रतिक्रिया — यदि कांग्रेस इसे अनादर करे, तो यह उनके मत बैंक पर असर डाल सकता है।
  3. भाजपा को राजनीतिक ज़मीन मिलना — भाजपा इसे कांग्रेस की अस्थिरता दिखाने का मौका देखेगी।
  4. संघर्ष के दबाव — कांग्रेस को अब तय करना होगा कि वह बयान को स्वीकार करती है या पार्टी के रुख को स्पष्ट करती है।

🔹 निष्कर्ष: एक विवाद जिसने कांग्रेस को जकड़ा

पी. चिदंबरम का ऑपरेशन ब्लू स्टार को “गलती” कहना केवल एक बयान नहीं है — यह कांग्रेस के भीतर इतिहास, पहचान, और रणनीति के बीच विवाद का प्रतीक बन गया है।
कांग्रेस को अब इस बयान के इर्द-गिर्द संतुलन बनाना होगा — ना तो वह अपनी ऐतिहासिक विरासत को ठेस पहुंचाए, और ना ही आधुनिक प्रासंगिकता खोए।
भाजपा और अन्य दल इस मौके को प्रयोग कर कांग्रेस को अलग-थलग करने की कोशिश करेंगे।
आगे देखने की बात यह है कि कांग्रेस नेतृत्व कितनी तेजी से स्पष्ट रुख अपनाता है और इस बयान को कैसे मैनेज करता है, क्योंकि चुनावी समय में ऐसी घटनाएँ न केवल राजनीतिक असर छोड़ती हैं, बल्कि लोकमानस और वोटर भावना पर भी बड़ी छाप डाल सकती हैं।

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