लोकसभा में नया आयकर विधेयक पेश, टैक्स स्लैब में बदलाव और कर चोरी पर सख्ती
नई दिल्ली: आज लोकसभा में वित्त मंत्री ने नया आयकर विधेयक पेश किया, जिसमें टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और कर चोरी पर सख्त कार्रवाई जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस नए विधेयक से कर प्रणाली सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनेगी।
क्या है विधेयक की मुख्य बातें?
- टैक्स स्लैब में बदलाव: आम करदाताओं के लिए आयकर स्लैब को नए सिरे से निर्धारित किया गया है, जिससे कम और मध्यम आय वर्ग को लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है।
- डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा: नकद लेनदेन को कम करने और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त रियायतें और इंसेंटिव दिए जाएंगे।
- कर चोरी पर सख्ती: बड़े पैमाने पर कर चोरी करने वालों पर सख्त दंड और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
सरकार का पक्ष
वित्त मंत्री ने कहा कि नया आयकर विधेयक देश की कर प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया कि इससे निवेश का माहौल बेहतर होगा और करदाताओं को राहत मिलेगी।
विपक्ष की आपत्ति
वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि नए प्रावधानों से मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है और यह छोटे व्यवसायों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। कुछ नेताओं ने इसे ‘कारपोरेट हितैषी’ बताते हुए संशोधन की मांग की है।
क्यों है यह विधेयक अहम?
यह नया आयकर विधेयक आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक नीतियों और आम नागरिक की जेब पर सीधा असर डालेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें पारदर्शिता और तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर लागू होने के बाद ही साफ होगा।




