बिहार में हैवानियत: डायन बताकर पूरे परिवार को जिंदा जलाया, पूर्णिया में खौफनाक वारदात
पूर्णिया, बिहार | 08 जुलाई 2025
बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। टेटगामा गांव में अंधविश्वास और जादू-टोना के शक में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों को बर्बरतापूर्वक पीटा गया और फिर उन्हें जिंदा जला दिया गया। यह अमानवीय घटना रविवार, 6 जुलाई 2025 की देर रात घटी, जब सैकड़ों की भीड़ ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
क्या हुआ पूर्णिया में?
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बाबू लाल उरांव (करीब 65 वर्ष), सीता देवी (60 वर्ष), मंजीत उरांव (25 वर्ष), रानी देवी (22 वर्ष) और कातो मोस्मात (करी5 75 वर्ष) के रूप में हुई है। गांव के कुछ लोगों का मानना था कि मृतक परिवार की महिलाएँ, विशेषकर सीता देवी, ‘डायन’ थीं और उन्होंने गांव के कुछ बच्चों की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। बताया जाता है कि एक ग्रामीण के बच्चे की बीमारी से मौत के बाद यह खौफनाक वारदात हुई।
चश्मदीद ने बताई आपबीती
इस भीषण घटना का एकमात्र चश्मदीद, परिवार का 16 वर्षीय सदस्य सोनू, किसी तरह अपनी जान बचाकर ननिहाल भागने में सफल रहा। सोनू ने बताया कि उसने अपनी आँखों के सामने अपने माता-पिता, भाई और दादी को जिंदा जलते देखा। उसने यह भी खुलासा किया कि इस अपराध में लगभग 200 से अधिक लोगों की भीड़ शामिल थी, जिन्होंने घर पर हमला किया। हत्या के बाद, शवों को छिपाने का प्रयास किया गया था, लेकिन पुलिस ने डॉग स्क्वाड और FSL (फोरेंसिक साइंस लैब) टीम की मदद से उन्हें जलकुंभी से बरामद कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने अपने गुनाह कबूल कर लिए हैं। शवों को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल किए गए एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अंधविश्वास पर बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में गहरे बैठे अंधविश्वास और जादू-टोना जैसी कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 21वीं सदी में भी इस तरह की बर्बरतापूर्ण घटनाओं का होना चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि शिक्षा और जागरूकता की कितनी आवश्यकता है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर इस तरह की सोच को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई अमानवीय घटना न हो।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।




