इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच, युद्धविराम के उल्लंघन को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।1 12 दिनों के गहन संघर्ष के बाद सीजफायर की खबरें सामने आईं थीं, लेकिन इसके बावजूद दोनों ओर से हमले जारी रहने पर ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।2
क्या हुआ?
हाल ही में, इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई थी, जिसके लिए डोनाल्ड ट्रंप ने खुद मध्यस्थता का दावा किया था।3 हालांकि, इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया।4 खबरों के अनुसार, ईरान के आखिरी हमले में 6 इजरायली नागरिकों की मौत की खबर है, जिसके बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई की।
ट्रंप का बयान
इस स्थिति पर डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इजरायल को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “इजरायल। उन बमों को मत गिराओ। यदि आप ऐसा करते हैं तो यह एक बड़ा उल्लंघन है। अपने पायलटों को अभी घर बुलाओ!” ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह इजरायल से खुश नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने भी युद्धविराम का उल्लंघन किया है।5 उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए यहां तक कहा कि उन्हें “इजरायल को शांत कराना होगा।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह?
ट्रंप का यह बयान इजरायल के लिए एक दुर्लभ और कड़ा संदेश है। अमेरिका और इजरायल के बीच दशकों पुराने मजबूत संबंधों के बावजूद, ट्रंप ने इस बार इजरायल की कार्रवाई पर खुलकर नाराजगी जताई है।6 यह दर्शाता है कि वह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं, और युद्धविराम के उल्लंघन को गंभीरता से ले रहे हैं।
आगे क्या?
इजरायल और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है।7 जहां ईरान ने युद्ध तभी रोकने की बात कही है जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी, वहीं इजरायल भी जवाबी कार्रवाई के मूड में दिख रहा है। ट्रंप के इस हस्तक्षेप के बाद, यह देखना बाकी है कि क्या दोनों देश वास्तव में शांति की दिशा में आगे बढ़ते हैं या नहीं।
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