अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) पर विशेष : मानव जीवन के समक्ष आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में स्वस्थ रहना एक वडी चुनौती : समाज को एक अलग राह दिखाता योग :-

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समाज को एक अलग राह दिखाता योग :-

मानव जीवन के समक्ष आज स्वस्थ रहना एक वडी चुनौती है। कोरोना जैसी महामारी से गुजरने के बाद इस चुनौती का सामना करने के लिए लोग तरह-तरह की राह तलाश रहे हैं। योग भी इन्हीं में से एक है। इस विधा के माध्यम से आप स्वस्थ रहने के साथ-साथ समाज को एक अलग दिशा भी प्रदान कर सकते हैं।

पूर्ण स्वास्थ्य की खोज करने वाले लोगों के बीच इनदिनों योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कामकाज के बदलते माहौल, जीवनशैली में आए बदलाव और तनावभरी जिंदगी में पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने के लिए ऐसे लोग योग की तरफ भाग रहे हैं। उन्हें योग एक नई जिंदगी प्रदान कर रहा है, उन्हें इलाज का एक विकल्प प्रदान कर रहा है।

योग दिवस पर पीएम मोदी विशाखापत्तनम में बोले :

“आइए, हम सब मिलकर योग को एक जन आंदोलन बनाएं। एक ऐसा आंदोलन, जो विश्व को शांति, स्वास्थ्य और समरसता की ओर ले जाए। जहां हर व्यक्ति दिन की शुरुआत योग से करे और जीवन में संतुलन पाए। जहां हर समाज योग से जुड़े और तनाव से मुक्त हो… और जहां ‘योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ एक वैश्विक संकल्प बन जाए।”

ऐसे लाखों-करोड़ों लोगों को स्वस्थ रखने के लिए योगगुरु, योग शिक्षक, योग प्रशिक्षक और योग स्कूलों की संख्या भी देश-दुनिया में बढ़ रही है। तमाम अच्छे योग ट्रेनर या योग गुरु की कमाई आज लाख रुपये प्रतिमाह से भी ऊपर है।

सीखने के अनेक अवसरः

योग विधाओं को सीखने तथा उसमें औपचारिक शिक्षा हासिल करने के लिए इनदिनों कई कोर्स संचालित हो रहे हैं। वैसे, योग आधारित कोर्स तीन प्रकार के हैं। एक सर्टिफिकेट कोर्स है, जो छह माह से लेकर एक साल तक का है। इसमें 12वीं पास युवा दाखिला ले सकते हैं। दूसरा डिप्लोमा कोर्स, जो आमतौर पर एक साल का है।

इसके गहन प्रशिक्षण के लिए स्नातक स्तर पर तीन वर्षीय या चार वर्षीय कोर्स भी हैं। जो लोग कालेज या विश्वविद्यालय में शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें योग विषय में नेट उतीर्ण या पीएचडी का होना जरूरी है।

जिन संस्थाओं में कोर्स चल रहे हैं, उनमें दाखिला रजिस्ट्रेशन के बाद 12वीं के अंकों के आधार पर होता है। बीएससी इन योगा साइंस में दाखिला लेने के लिए 12वीं में साइंस का पढ़ना अनिवार्य है, लेकिन योग से संबंधित अन्य जनरल कोर्स में यह बाध्यता नहीं है।

इस क्षेत्र में आनलाइन कोर्स भी हैं, जैसे हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड ओपन विश्वविद्यालय भी कोर्स करा रहा है। आप योग के नियमित कोर्सेज गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, बिहार स्कूल आफ योग, मुंगेर आदि जगहों से कर सकते हैं।

उद्यमी बनने का मौका :

आज योग विशेषज्ञ के लिए सबसे बड़ा करियर शिक्षण या प्रशिक्षण है। जो योग कोर्स कर चुके हैं, वे चाहे तो स्कूल, कालेज या विश्वविद्यालय में योग शिक्षक बन सकते हैं। निजी और सरकारी दोनों स्कूल ऐसे शिक्षकों को रख रहे हैं। स्वास्थ्य और समाज कल्याण से संबंधित अन्य संस्थाएं भी योग ट्रेनर को अपने यहां नियुक्त कर रही हैं।

जो युवा उद्यमी बनना चाहते हैं, उनके लिए योग स्कूल खोलकर कमाई करने का भी अवसर है। आनलाइन प्रशिक्षण का विकल्प तैयार होने के बाद बहुत सारे योग ट्रेनर आज भारत में ही बैठकर देश-विदेश के कोने-कोने में लोगों को योग की ट्रेनिंग दे रहे हैं और इससे उन्हें अच्छी खासी कमाई भी हो रही है।

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