गृहमंत्री व सीएम योगी ने उम्र में आरक्षियों को दिए नियुक्ति पत्र : न खर्ची-न पर्ची, सिफारिश भी नहीं, योग्यता के आधार पर हुई भर्ती

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न खर्ची-न पर्ची, योग्यता पर भर्ती :

गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश पुलिस मैं नवचयनित आरक्षियों को रविवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए और निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती की सराहना की। कहा कि किसी को भी एक आना-पाई की रिश्वत देनी नहीं पड़ी है। न खर्ची-न पर्ची, सिफारिश भी नहीं, योग्यता के आधार पर भर्ती हुई है। नौकरी पाने में न जातिवाद और न ही भ्रष्टाचार हुआ। इससे बड़ी उपलब्धि किसी भी शासन के लिए नहीं हो सकती है।

नवचयनित आरक्षियों से उन्होंने कहा कि अपराधियों में आपका भय होना चाहिए और गरीब-पिछड़ों को आप में मसीहा दिखना चाहिए। उन्होंने पुलिस भर्ती में 12,048 हजार महिला अभ्यर्थियों के शामिल होने को भी प्रशंसा की। कहा, हमने महिलाओं के लिए आरक्षण की जो व्यवस्था की, उसका शत प्रतिशत अनुकरण उत्तर प्रदेश में हुआ है।

शाह बोले, नए कानूनों के तहत तीन वर्ष के भीतर पीडित को मिलेगा न्याय :

वृंदावन योजना के डिफेंस एक्सपी ग्राउंड पर आयोजित समारोह को संबोधित करते शह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोई के नेतृत्व में वर्ष 2014 में देशभर के पुलिस बल के आधुनिकीकरण का अध्याय शुरू हुआ, पर उन में शुरुआत तीन वर्ष देर से हुई। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में ऐसी स्थिति आएगी कि तीन नए कानूनों में किसी भी एफआइआर में पीड़ित की सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्ष के भीतर न्याय मिल जाएगा।

गृहमंत्री व सीएम योगी ने उम्र में आरक्षियों को दिए नियुक्ति पत्र :

लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में रविवार को उप सिपाही भर्ती के अभ्यर्थियों को गृह मंत्री अमित शाह और  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को मंच पर अपने हाथ से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। शेष 60.229 अभ्यर्थियों को समारोह स्थल पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में जितना पसीना बहाएंगे, जीवन में उतना कम खून बहेगा: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिपाही भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि प्रशिक्षण में जितना पसीना बहाएंगे, जीवन में उतना कम खून वहाना पड़ेगा। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साचते कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में होने वाली पुलिसकर्मियों की भर्ती में भ्रष्टाचार हावी था, लेकिन अब पैसे और सिफारिश पर नौकरी मिलना बीते जमाने की बात हो गई है। आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई है।

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