श्री वांकेबिहारी जी गलियारे के सामने से प्रस्तावित होगी कृष्ण की पैड़ी : उत्तर प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये किए स्वीकृत, पर्यटन विभाग तैयार करेगा डीपीआर
श्री वांकेबिहारी जी गलियारे के सामने से प्रस्तावित होगी कृष्ण की पैड़ी : उत्तर प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये किए स्वीकृत, पर्यटन विभाग तैयार करेगा डीपीआर
उत्तर प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये किए स्वीकृत, पर्यटन विभाग तैयार करेगा डीपीआर :-
अयोध्या में बनाई गई राम की पैड़ी की तरह की वृंदावन में भी कृष्ण की पैड़ी बनाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सौ करोड़ रुपये स्वीकृत कर पर्यटन विभाग से घाटों के सुंदरीकरण की डीपीआर उपलब्ध कराने को कहा है। श्री बांकेबिहारी मंदिर गलियारा के समीप प्रस्तावित कृष्ण की पैड़ी बनने से वृंदावन का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। घाट मोहक और आकर्षक नजर आएंगे।
गलियारा के सामने प्रस्तावित इस पैड़ी से ही हो सकेंगे सप्त देवालय सर्किट के दर्शन :
वृंदावन में कालीदह से केसी घाट तक डेढ़ किलोमीटर लंबे यमुना किनारे पर कृष्ण की पैड़ी का निर्माण किया जाना है। इसके तहत रेत में दबे घाटों को बाहर निकला जाएगा। प्रथम चरण में जुगल किशोर घाट से केसी घाट तक 713 मीटर निर्माण किया जाएगा। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले चीर घाट सहित अन्य घाटों का जीर्णोद्धार भी होगा। पैड़ी से ही श्रद्धालुओं को सप्त देवालय सर्किट और श्री बांके बिहारी के दर्शन हो सकेंगे।
श्री वांकेबिहारी जी गलियारे के सामने से प्रस्तावित होगी कृष्ण की पैड़ी :
परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इन घाटों पर चैनल के माध्यम से यमुना का जल फिल्टर कर पैड़ी जलाशय में भरा जाएगा। उसके उपरांत यमुना जल को घाट की सीढ़ियों तक लाया जाएगा ताकि श्रद्धालु आचमन कर सकें। कृष्ण की इस पैड़ी से सिग्नेचर ब्रिज को जोड़ दिया जाएगा। इससे पैड़ी पर पुल के माध्यम से श्रद्धालु श्री बांके बिहारी मंदिर गलियारा में प्रवेश कर सकेंगे। इन सभी घाटों को सीढ़ियां और आसपास बनी पुरातन छतरियों की मरम्मत कर इनको भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। प्रस्तावित कृष्ण की पैड़ी फसाड लाइटिंग व फुट लाइटिंग से जगमग होगी।
वृंदावन में बनेगी कृष्ण की पैड़ी, घाट होंगे मनमोहक :
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना के लुप्तप्रायः घाटों को श्रद्धालुओं के सामने लाने की योजना बनाई है। जुगल घाट, चीर घाट को प्राचीन स्वरूप के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि वृंदावन बाइपास से सिग्नेचर ब्रिज होते हुए वृंदावन परिक्रमा मार्ग पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यमुना के घाट अपनी प्राचीन खूबसूरती से मोह सकें। वृंदावन में अनेक घाट बेहद आकर्षक हैं, लेकिन श्रद्धालु यहां नहीं पहुंचते हैं।