Special Care for Differently-abled Children योगी आदित्यनाथ सरकार का यह प्रयास दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शल्य चिकित्सा अनुदान योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का अवसर भी दे रही है।

मुख्य बिंदु –
- दिव्यांग बच्चों को समझने और साथ देने की मुहिम
- 214 श्रवण बाधित बच्चों की कराई कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी
- शल्य चिकित्सा अनुदान योजना दिव्यांगजनों की उम्मीद की नई किरण
- 21 प्रकार की दिव्यांगता का इलाज करा रही सरकार, हर जिले में लाभार्थियों का चिन्हांकन
- दिव्यांगों को आधुनिक चिकित्सा से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में ला रही सरकार
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : प्रदेश में दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राज्यस्तरीय पोस्टर अभियान शुरू किया गया है। ‘हर बच्चा खास है’ नाम के इस अभियान के तहत 2.65 लाख से अधिक पोस्टर सेट तैयार कर 1.32 लाख से ज्यादा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में भेजे जा चुके हैं।
हर स्कूल को छह अलग-अलग विषयों पर आधारित पोस्टरों का सेट दिया गया है, जो दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, भागीदारी, सुरक्षा और समानता पर केंद्रित हैं। ये पोस्टर केवल सूचना देने के लिए नहीं हैं, बल्कि भावनात्मक और व्यावहारिक स्तर पर सोच को बदलने की कोशिश हैं। यूनिसेफ के सहयोग से चल रहे इस अभियान का उद्देश्य है कि दिव्यांग बच्चों को उनके साथ पढ़ने वाले अन्य बच्चों के साथ समान वातावरण में शिक्षा मिले।
इन पोस्टरों को पंचायत भवन, पीएचसी, बाल विकास केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाया जा रहा है, ताकि पूरे समुदाय में जागरूकता फैले। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, हम दायरा बढ़ा रहे हैं, ताकि शिक्षा सबके लिए सुलभ और संवेदनशील बन सके। यह केवल सरकारी योजना नहीं, सोच में बदलाव की एक पहल है।
दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ने का अवसर दे रही योगी आदित्यनाथ सरकार
योगी आदित्यनाथ सरकार का यह प्रयास दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शल्य चिकित्सा अनुदान योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का अवसर भी दे रही है। कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी जटिल सर्जरी से श्रवण बाधित बच्चों को सुनने की क्षमता प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी शिक्षा और सामाजिक जीवन में नई संभावनाएं खुल रही हैं। इसी तरह, कॉर्निया प्लास्टी और पोस्टपोलियो सर्जरी जैसी चिकित्साएं दृष्टि और गतिशीलता में सुधार लाकर दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही हैं।
दिव्यांगजनों का सशक्तीकरण योगी सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण को सरकार की प्राथमिकता में रखा है। उनके निर्देशों के अनुरूप, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वित्तीय सहायता के साथ-साथ, योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान और सर्जरी की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया गया है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है, जो उच्च लागत वाली सर्जरी का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार कर रही योगी आदित्यनाथ सरकार
इस योजना के तहत किए गए कार्यों का प्रभाव उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में देखा जा सकता है। योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में लाभार्थियों का चिन्हांकन कर रही है। 63 जनपदों के 214 बच्चों के कॉक्लियर इम्प्लांट ने न केवल उनके परिवारों को खुशी दी है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा दिया है। यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करती है, जिसमें कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।
उत्तर प्रदेश को दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह एक मील का पत्थर है। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र क्श्यप ने कहा कि भविष्य में इस योजना के विस्तार और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि ज्याद से ज्यादा दिव्यांगजन सरकार की इस योजना से लाभान्वित हों। इससे राज्य में समावेशी विकास को नई गति मिलेगी।





