भारत की शिक्षा व्यवस्था बच्चों के सपनों को पोषित नहीं करती” : राहुल गांधी का कोटा में बयान

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कोटा में छात्रों के बीच राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रणाली बच्चों के सपनों को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें सीमित कर देती है। उन्होंने NEET पेपर लीक समेत अन्य छात्र मुद्दों पर राजनीति करने के आरोपों को भी नकार दिया।

“लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को अपने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के पहले चरण के तहत छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था बच्चों को तनाव और दबाव के माहौल में पढ़ने के लिए मजबूर करती है।”

राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी कमी यह है कि यह बच्चों के सपनों और उनकी वास्तविक रुचियों को प्रोत्साहित नहीं करती। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर विचार करते हुए उनके मन में कई सवाल उठे, जिनमें सरकारी शिक्षा व्यवस्था के कमजोर होने और निजी शिक्षा के लगातार महंगे होते जाने के कारण प्रमुख हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे छात्र हित से जुड़े मुद्दों को उठाना राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़ को सामने लाना है।

कोटा में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यहां आकर और युवाओं के बीच खड़े होकर उन्हें बेहद खुशी और सम्मान का अनुभव हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन युवाओं के लिए आयोजित संवाद है जो अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इस मंच पर राजनीति, चुनाव या किसी राजनीतिक दल की चर्चा नहीं होगी। यह कार्यक्रम पूरी तरह छात्रों, उनकी समस्याओं, चुनौतियों और रोजमर्रा के संघर्षों को समझने और उन पर चर्चा करने के लिए है। राहुल गांधी ने कहा कि इस शाम का केंद्र केवल युवा और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं।

अपने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा के दौरान उन्होंने देशभर के लाखों युवाओं से बातचीत की। इस दौरान वह अक्सर उनसे एक सवाल पूछते थे कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। अधिकांश युवाओं के जवाब कुछ चुनिंदा पेशों तक ही सीमित रहते थे, जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, IAS अधिकारी या सशस्त्र बलों में शामिल होना।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य होता था कि देश के युवाओं के सामने करियर के विकल्प इतने सीमित क्यों दिखाई देते हैं। उनका मानना है कि युवाओं की वास्तविक रुचियां और सपने इन पारंपरिक विकल्पों से कहीं अधिक व्यापक हैं, लेकिन मौजूदा शिक्षा व्यवस्था उन्हें अपनी पसंद और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं दे पाती।

उन्होंने कहा कि बार-बार एक जैसे जवाब मिलने से यह सवाल और गहरा हुआ कि आखिर शिक्षा प्रणाली युवाओं को विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए क्यों प्रेरित नहीं कर पा रही है।

बता दें कि राहुल गांधी 17 जून को कांग्रेस के देशव्यापी छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत कोटा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में NEET पेपर लीक, CBSE से जुड़े विवाद, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा छात्रों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

निष्कर्ष:

राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के सपनों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को केवल सीमित करियर विकल्पों तक युवाओं को बांधने के बजाय उनकी प्रतिभा, रुचियों और आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने NEET पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर पारदर्शिता एवं सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह कार्यक्रम छात्रों की आवाज़ को सामने लाने और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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