नहीं शुरू हो सकी केदारघाटी में हेलीकाप्टर सेवा : 23 जून को बोरिया-बिस्तर समेट लेंगी सभी आठ हेली कंपनियां : 900 हेली टिकटों की बुकिंग हुई निरस्त :-

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 हेलीकाप्टर दुर्घटना के बाद सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थीं सभी उड़ानें, मंगलवार पूरे दिन प्रतिकूल रहा मौसम का मिजाज :-

केदारनाथ धाम के लिए मंगलवार को हेलीकाप्टर सेवाएं शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम अनुकूल न होने के कारण दिनभर कोई उड़ान नहीं हो सकी। ऐसे में देर शाम मंगलवार के सभी 900 टिकटों की बुकिंग निरस्त कर दी गई। बीते रविवार को गौरीकुंड के ऊपर गौरी खर्क में हुई हेली दुर्घटना के बाद सोमवार तक के लिए सभी उड़ान स्थगित कर दी गई थीं। केदारनाथ की पैदल और घोड़ा खच्चर से यात्रा जारी रही।

दो दिन उड़ानों पर रोक के बाद मंगलवार से दोबारा हेली सेवा का संचालन शुरू होना था, लेकिन मौसम का मिजाज अनुकूल न होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया। तीर्थयात्री हेलीपैड पर दिनभर मौसम के खुलने का इंतजार करते रहे। जब शाम तक भी मौसम ज्यों का त्यों रहा तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। दुर्घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कड़े निर्देशों के चलते एविएशन कंपनियां उड़ान में काफी सतर्कता बरत रही हैं।

हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे के अनुसार डीजीसीए के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रतिकूल मौसम में उड़ान नहीं होगी। उड़ान न होने के कारण जो तीर्थयात्री दर्शन को नहीं जा पाए, उनके हेली टिकट निरस्त कर दिए गए हैं।

सोनप्रयाग में डेरा डाले रहा डीजीसीए का दल :

हेली दुर्घटना की जांच के लिए आया डीजीसीए का तीन सदस्यीय दल मंगलवार को भी सोनप्रयाग में डेरा जमाए रहा। 15 जून को आर्यन एविएशन का हेलीकाप्टर केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी लौटते समय गौरीकुंड के ऊपर गौरी खर्क पहाड़ी पर एक पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। उसी दिन डीजीसीए का दल आरएस यादव के नेतृत्व में दिल्ली से केदारघाटी पहुंच गया था। सोमवार को जांच दल ने दुर्घटनास्थल का हवाई निरीक्षण करने के साथ नारायणकोटी और केदारनाथ हेलीपैड का जायजा लिया था। साथ ही घाटी में मौसम के मिजाज को भी जाना था।

हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि मंगलवार को भी दल सोनप्रयाग व त्रियुगीनारायण से केदारघाटी के पल-पल बदलते मौसम पर नजर रखे रहा और जानकारियां जुटाई। साथ ही जांच दल ने घाटी के हेलीपैड्डों का भी निरीक्षण किया। डीजीसीए के जांच दल को एक वीडियो मिला है, जिसमें दुर्घटना से पहले पायलट राजवीर सिंह चौहान हेलीकाप्टर के इंजन समेत अन्य हिस्सों की जांच कर रहे हैं। यह वीडियो रविवार सुबह पांच बजे का बताया जा रहा है।

केदारघाटी से 23 जून को बोरिया-बिस्तर समेट लेंगी सभी आठ हेली कंपनियां :

 केदारनाथ धाम के लिए हेली सेबा का संबालन करने वाली सभी आठ एविएशन कंपनियों 23 जून को अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर दिल्ली रवाना ही जाएंगी। केदारनाथ धाम के लिए 22 जून तक ही हेली टिकट को बुकिंग हैं। मानसून को देखते हुए जून अंतिम सप्ताह से हेली सेवाएं बंद कर दी जाती हैं। हेली सेवा  के नोडल अधिकारी के अनुसार प्रचण चरण की हेली सेवाएं मई से जून के अंत तक संचालित होती हैं, जबकि दूसरे चरण की हेली सेवाएं सितंबर में शुरू होती हैं और यात्रा के समापन तक चलती हैं।

वर्षाकाल में केदारनाथ के लिए उड़ान जोखिम भरी हो जाती है। वहीं डीजीसीए ने यहां हेली संचालन के मानक तय किए हैं। लेकिन, हेली कंपनियों इन मानकों को दरकिनार कर उड़ान भरती हैं और डीजीसीए के अधिकारी भी इनका पालन कराने में रुचि नहीं दिखाते। रविवार को केदारघाटी में हुई हेली दुर्घटना इसका प्रमाण रही। हेलीकाप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद डीजीसीए ने हेली कंपनियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए।

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