नई दिल्ली : 45 हजार के लिए कारोबारी की पत्नी और बेटे का रेता गला,एडवांस सैलरी के रुपये वापस मांगने पर सहायक ने हत्याकाड को अंजाम दिया :-

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एडवांस सैलरी के रुपये मांगने पर सहायक ने हत्याकाड़ को अंजाम दिया गांव भागने की फिराक में था आरोपित, पुलिस ने रेलवे स्टेशन से दबोचा :-

लाजपतनगर में बुधवार रात कपड़ा कारोबारी के घर में घुसकर उनको पत्नी व नाबालिग बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कारोबारी की दुकान पर सहायक मुकेश पासवान ने एडवांस सैलरी के 45 हजार रुपये मांगने व मामूली डॉट से नाराज होकर इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।

पुलिस ने गांव भाग रहे आरोपित की पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इसतेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। मूलरूप से बिहार के वैशाली के रहने वाले आरोपित की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुई थी।

पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि कुलदीप सेवानी का परिवार लाजपतनगर पार्ट एक में रहता है। परिवार में उनकी पत्नी 42 वर्षीय रुचिका, 14 साल का बेटा कृष व एक बेटी है। बेटी जम्मू में पढ़ाई कर रही है, जबकि कृष 10वीं में पढ़ता था। कुलदीप की लाजपतनगर सेंट्रल मार्केट में कपड़े की दुकान है। कुलदीप बुधवार को दुकान पर थे। उन्होंने शाम को रुचिका और बेटे के मोबाइल पर काल की, लेकिन कोई जवाच नहीं मिला।

रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने सेल्स मैन प्रेम सागर के साथ स्कूटी पर घर पहुंचे। यहां दरवाजा अंदर से बंद था और दरवाजे व सीढ़ियों पर खून लगा था। कुलदीप ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मकान के छोटे दरवाजे का गेट काटकर उसे खोला। फर्स्ट फ्लोर पर बेडरूम में लहुलुहान रुचिका का शव पलंग के पास पड़ा था। बाथरूम के अंदर कृष का शव पड़ा था। दोनों की गले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। पुलिस ने  मकान से ही चाकू बरामद कर लिया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ आरोपित, लोकेशन का पता चला :

पुलिस ने हत्यारे का पता लगाने के लिए कारोबारी के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। इसमें कारोबारी का सहायक मुकैया पासवान घर के अंदर और बाहर जाते हुए दिखा। तुरंत पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन का पत लगाया। यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मगध एक्सप्रेस ट्रेन में बैठा थ्व। इसके बाद आरोपित को आरपीएफ, जी. आरपी व स्थानीय चदौली पुलिस ने प. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके बैग से करीब एका लाख रुपये भी मिले हैं।

पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपित शाम करीव साढ़े छह बजे घर के अंदर घुसा था। यहां पर उसे कृष मिला तो उसने उसकी वर्वरता के साथ हत्या कर दी। उस समय रुचिका घर में नहीं थी। मुकेश ने एक घंटे तक घर में छिपकर अपनी मालकिन का इंतजार किया। जैसे ही वह घर में आई तो गले पर चाकू से कई वार कर उनकी भी हत्या कर दी।

45 हजार रुपये के लिए तोड़ा तीन साल का भरोसा :

मूलरूप से विहार के वैशाली स्थित गांव चतुआ का रहने वाला मुकेश पासवान पिछले तीन साल से कुलदीप की दुकान पर काम कर रहा था। वह अइविंग और घर का काम भी कर देता था। इस वजह से पूरे परिवार को उस पर भरोसा था। कुछ दिन पहले रुचिका ने मुकैश को एड्वास सैलरी के तौर पर 45 हजार रुपये दिए थे। वह आठ दिन से ड्यूटी पर नहीं आया था। इसकी लेकर रुचिका की उससे मोवाइल पर बात हुई। रुचिका ने उससे उधार दिए प्रशेष पैसे मांगे। इस दौरान रुचिका की उससे कहासुनी भी हुई । इसी रंजिश में उसने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।

 

 

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