
ट्रंप का यह बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें इस सप्ताह ओमान के तट के निकट भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन जहाजों पर हमला किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर आरोप लगाया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की। ट्रंप ने इस कथित घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा भारतीय जहाजों पर किया गया ड्रोन हमला विफल कर दिया गया और ऐसी कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस सप्ताह ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज हमलों का शिकार हुए हैं। इनमें पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Settebello पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जिससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया और कहा कि ये दावे हाल ही में भारतीय जहाजों के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाइयों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।
भारत ने इन हमलों को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताते हुए कड़ी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ट्रंप ने ईरान के “लीक” किए गए समझौते पर उठाए सवाल
भारतीय जहाजों पर कथित ड्रोन हमले के मुद्दे के अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा सार्वजनिक किए गए अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा साझा किया गया संस्करण वास्तविक सहमति से बिल्कुल अलग है।
ट्रंप के अनुसार, ईरान ने प्रस्तावित समझौते को जिस तरह पेश किया है, उसका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को बातचीत के लिए “अविश्वसनीय” बताते हुए कहा कि उनके साथ ईमानदारी से समझौता करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द से जल्द अपनी नीतियों और रवैये में बदलाव करना चाहिए। ट्रंप ने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी बयान में की।
ईरान समझौते को लेकर जेडी वेंस की सफाई
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़ी कथित अफवाहों और भ्रामक जानकारियों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते के तहत ईरान को कोई नकद राशि नहीं दी जाएगी और न ही किसी प्रकार का फंड जारी किया जा रहा है।
वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रस्तावित समझौता इस तरह तैयार किया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा तथा रणनीतिक चिंताओं को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है, तो उससे होने वाले आर्थिक लाभ केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों पर हमलों और प्रस्तावित परमाणु समझौते को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां अमेरिका ने ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने और समझौते की गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है, वहीं ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और भारत सहित कई देशों के हितों पर इसका असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली कूटनीतिक और रणनीतिक चालों पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी रहेगी।
लगातार अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें!




