छत्तीसगढ़ में हाईवे पर स्टंट करते हुए रील (Reel) बनाना अब युवाओं को महंगा पड़ रहा है। ऐसे ही एक मामले में, बिलासपुर हाईकोर्ट ने हाईवे पर स्टंट और रील बनाने वाले युवकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न करने पर पुलिस को फटकार लगाई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग उठी थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से जुड़ा है, जहां कुछ युवक नेशनल हाईवे पर खतरनाक तरीके से मोटरसाइकिल चलाते और स्टंट करते हुए वीडियो बना रहे थे। इन वीडियो को बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ‘रील’ के रूप में अपलोड किया गया। इन रील में तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाना, जानलेवा स्टंट करना और यातायात नियमों का उल्लंघन करना साफ देखा जा सकता था, जिससे न केवल उनकी अपनी जान को खतरा था बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी गंभीर दुर्घटना का जोखिम पैदा हो रहा था।
जब ये वीडियो वायरल हुए, तो समाज के विभिन्न वर्गों से इन पर आपत्ति जताई गई। लोगों ने ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
हाईकोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?
मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह प्रकरण बिलासपुर हाईकोर्ट तक पहुंचा। याचिका में यह तर्क दिया गया कि ऐसे स्टंट न केवल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि ये दूसरों को भी ऐसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए उकसाते हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि पुलिस ने ऐसे मामलों में अपेक्षित कठोरता और तत्परता से कार्रवाई नहीं की थी।
हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि जब इस तरह के वीडियो स्पष्ट रूप से उपलब्ध थे और सार्वजनिक रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, तब भी उचित और सख्त कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? न्यायालय ने जोर दिया कि सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वे भविष्य में ऐसे मामलों में तुरंत और कठोर कार्रवाई करें ताकि अन्य लोग ऐसा करने से बचें।
पुलिस और प्रशासन पर दबाव
हाईकोर्ट की इस फटकार के बाद अब छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासन पर सार्वजनिक सड़कों पर रील बनाने और स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाने का दबाव बढ़ गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, वाहन जब्त करने और यहां तक कि आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई जैसी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में पुलिस को और भी सख्त होना चाहिए?




