चीन पर रेयर अर्थ मैग्नेट की निर्भरता होगी खत्म, सरकार ला रही है 1000 करोड़ की इंसेंटिव स्कीम

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भारत सरकार चीन पर रेयर अर्थ मैग्नेट की निर्भरता कम करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है। भारी उद्योग मंत्रालय जल्द ही 1000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना लाएगा ताकि रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन बढ़ाया जा सके। कई कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है। सरकार जापान से भी आयात पर विचार कर रही है, हालांकि यह महंगा है।

रेयर अर्थ मैग्नेट की सप्लाई को लेकर चीन का प्रतिकूल रुख देखते हुए सरकार अब घरेलू स्तर पर ही इसकी उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास में जुट गई है। भारी उद्योग मंत्रालय जल्द ही रेयर अर्थ मैग्नेट के उत्पादन में बढ़ोतरी को लेकर 1000 करोड़ की इंसेंटिव स्कीम ला सकती है।

रेयर अर्थ मैग्नेट से जुड़ी प्रोसेसिंग यूनिट को सरकार इंसेंटिव देगी। पांच से अधिक कंपनियों ने घरेलू स्तर पर रेयर अर्थ मैग्नेट के उत्पादन को लेकर अपनी दिलचस्पी जाहिर की है और इस सिलसिले में भारी उद्योग मंत्रालय से भी उनकी चर्चा हुई है।

इसके अलावा जापान से भी रेयर अर्थ मैगनेट मंगाने की कोशिश की जा रही है और इस दिशा में जापान सरकार से बातचीत हो रही है।

हालांकि जापान से रेयर अर्थ मैग्नेट की आयात लागत चीन के मुकाबले अधिक है। रेयर अर्थ मैग्नेट का इस्तेमाल इलेक्टि्रक वाहन, इलेक्ट्रानिक्स और रक्षा सेक्टर से जुड़े निर्माण में किया जाता है।इंडियन रेयर अ‌र्थ्स लिमिटेड (आईआरईएल) के साथ भारी उद्योग मंत्रालय रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम को अगले 10-15 दिनों में घोषणा कर सकता है। आईआरईएल रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन कर इसे मैन्यूफैक्च¨रग यूनिट को सप्लाई करती है।

आईआरईएल रेयर अर्थ मैग्नेट उत्पादन करने वाली कंपनियों को 500 टन तक कच्चे माल उपलब्ध करा सकती है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक कि देश में रेयर अर्थ मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में है और इसके उत्पादन में तेजी लाने के लिए स्कीम लाई जा रही है। रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन करने वाली कंपनियां अपनी आधी क्षमता पर काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि भारत के पास 130 लाख टन की मिनरल क्षमता है और 69 लाख टन की क्षमता रेयर अर्थ की है। फिलहाल भारत में मुख्य रूप से चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट का आयात किया जाता है। गत कुछ माह से चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट की सप्लाई को सीमित करने का फैसला किया है।

चीन सरकारी स्तर पर ही इन आइटम का निर्यात करना चाहता है। रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल्स सेक्टर का उत्पादन प्रभावित हो सकता है हालांकि मंत्रालय का कहना है कि अब तक रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी की वजह से उत्पादन प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है।

रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी को देखते हुए कंपनियां अब रेयर अर्थ मैग्नेट के इस्तेमाल से बनने वाले पूरे कंपोनेंट्स को ही आयात करने का मन बना रही है। ऐसे में भारत में उन कंपोनेंट्स का निर्माण बंद हो सकता है जिसमें रेयर अर्थ मैग्नेट की जरूरत होती है। इससे भारत का मेक इन इंडिया कार्यक्रम प्रभावित होगा।

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