लिवर संक्रमण : शरीर को विषाक्त पदार्थों के प्रभाव से बचाने में लिवर की सबसे बड़ी भूमिका होती है।:-
लगातार अधिक धूप या गर्म वातावरण में रहने से इन दिनों डिहाइड्रेशन होना बहुत आम है। गंभीर होने पर स्ट्रोक भी हो सकता है। ऐसे में दिनभर में पर्याप्त और स्वच्छ पानी पीते रहना चाहिए। बाहर के दूषित पेयजल या भोजन के सेवन से आंतों या लिवर का संक्रमण हो सकता है।
खासकर, जिन्हें पहले से लिवर या आंतों में संक्रमण हो चुका है, उन्हें इस मौसम में बाहर का भोजन या कोई पेय लेने से बचना चाहिए। स्वच्छ पेयजल के प्रयोग से हमारी त्वचा और कोशिकाएं भी सेहतमंद रहती हैं। जानते हैं इन दिनों लिवर से जुड़ी कुछ समस्याओं और बचाव उपायों के बारे में…
अस्वच्छ भोजन, फल या जूस से हो सकता है संक्रमण :
अस्वच्छ भोजन, लंबे समय तक कटे रखे फल के सेवन से आंतों में संक्रमण हो सकता है। आजकल पेट के संक्रमण के मामले अधिक देखने में आते हैं। खासकर, टायफाइड, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, वायरल हेपेटाइटिस होने का जोखिम अधिक रहता है।
हेपेटाइटिप ए और ई का संक्रमण सबसे अधिक होता है। दूषित पेयजल के कारण हमारे देश में पीलिया की समस्या बहुत आम बात है। इससे कमजोरी, थकान, गफलत होने, खून के पतला होने यहां तक कि लिवर के फैल होने जैसी नौबत आ सकती है।
हेपेटाइटिस से बवाच :
गर्मी के बाद बारिश और अखता का मौसम आने वाला है। ये दोनों ही हमारी सेहत के लिए चुनौती पूर्ण हैं। बारिश के मौसम में वायरल हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध है, पर इसके प्रयोग को लेकर जागरूकता का काफी अभाव है।
फैटी लिवर वाले बढ़ाएं अतिरिक्त सतर्कता :
जिन लोगों को लिवर से जुड़ी कोई समस्या, जैसी फैटी लिवर, क्रोनिक लिबर डिजीज आदि है. उन्हें खानपान को लेकर सतर्क होना चाहिए। क्रोनिक बीमारी बाले लोगों की अगर कोई समस्या होती है तो उसका प्रभाव गंभीर होता है। लिवर फैल होने की दशा में लिवर ट्रांसप्लांट तक की नौबत आ सकती है।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय :
* भोजन में प्रचुर मात्रा में फाइबर यानी फल और सब्जियां रखें।
* जितनी भूख हो उसका केवल 70-80 प्रतिशत ही भोजन करें। भोजन में कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा संतुलित रखें। वसा को थोडा कम करके कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाले भोजन को बढ़ाना चाहिए।
* फ्री-शुगर के प्रयोग से बचें। स्वस्थ रहने के लिए तेल और नमक का भी सेवन थोड़ा कम करने का प्रयास करना चाहिए।
खाने-पीने को लेकर सतर्कता :
* पानी की प्रचुरता वाले मौसमी फलों का आजकल सेवन करना लाभदायक है।
* फल हमेशा ताजा कटा हुआ ही खाएं। शरीर को हाइड्रेट रखने का प्रयास करें। अधिक मीठे, चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए।
योग-व्यायाम सही रखेगा लिवर :
शरीर को बाहर और भीतर से सेहतमंद रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम अवश्य करना चाहिए। यह बीमारियों से बचाने और शरीर को मजबूत रखने का सबसे सहज और प्रभावी उपाय है। हमें योग-व्यायाम में एक संतुलन बना कर रखन चाहिए। स्टेमिना बढ़ाने वाले व्यायाम और रेजिस्टेंस ट्रेनिग दोनों ही आवश्यक है। योग के साथ थोड़ा वजन उठाने का भी अभ्यास लाभप्रद है।