दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को कम करने के लिए बने 95% फुटओवर ब्रिज बदहाल :करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर बनाए गये ओवर ब्रिज:-
दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को कम करने के लिए बने 95% फुटओवर ब्रिज बदहाल :करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर बनाए गये ओवर ब्रिज:-
सुरक्षित सड़क पार करने के लिए बने 95% फुटओवर ब्रिज बदहाल :
दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को कम करने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर कई फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाए गए थे। इसके लिए कहीं लिफ्ट तो कहीं एस्केलेटर लगाए गए, ताकि सुरक्षित सड़क पार करने के लिए अधिक से अधिक लोग इनका उपयोग करें। खासकर भीड़भाड़ इलाकों में इससे पैदल यात्रियों को बहुत राहत मिली, लेकिन पिछली सरकार की उवसीनता के कारण मौजूदा समय पर अधिकाशं एफओबी की हालत खराब है। यह बदहाल एफओबी, सरकार के विकास के दवों का मुंह चिढ़ा रहे हैं।
करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई लिफ्ट तो कहीं एस्केलेटर खराब हैं। कई एफओबी के ऊपर छत नहीं बची तो किसी में लाइट नहीं है। लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं होने से कई एफओबी का फर्श टूट गया है, जिससे लोगों के घायल होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सबसे ज्यादा बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग परेशान होते हैं। वे चाहते हैं कि नई सरकार जल्द एफओबी की दशा सुधारने के लिए कदम उठाए, लेकिन लगता है कि मौजूदा सरकार भी इस तरफ आंख मूंदकर बैठी है।
नई दिल्ली का हाल :
मथुरा रोड और लोधी रोड पर एस्केलेटर गायव है, निजामुद्दीन इलाके के एफओबी की लिफ्ट वर्षों से बंद पड़ी है। तालकटोरा रोड स्थित स्वीमिंग पूल पर बने एफओबी से करीब छह महीने पहले एस्केलेटर का मोटर चोरी हो गया था। लोधी रोड फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट लगी थी मगर अब गायब हो चुकी है।
पश्चिमी दिल्ली :
रिंग रोड पर राजौरी गार्डन मार्बल मार्केट, बाहरी रिंग रोड पर भेरा एंक्लेव में एस्केलेटर, नजफगढ मेन रोड पर जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर में लिफ्ट काम नहीं कर रही है।
दक्षिणी दिल्ली में एफओबी का बुरा हाल :
आउटर रिंग रोड पर नेहरू प्लेस बस डिपो के पास बने एफओबी और लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर कृषि विहार के पास एफओबी पर लगी लिफ्ट खराब है। रिंग रोड पर नेहरू नगर के पास बने एफओबी के साथ लगे एस्केलेटर के कुछ पार्ट्स चोरी होने से बंद है। अरविंदो मार्ग पर हौज खास के पास बने एफओबी पर आज तक लिफ्ट नहीं लगी है। ऐसे में लिफ्ट के बने दरवाजे को फ्लेक्स लगाकर बंद किया गया है। ऐसे में यहां कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
पूर्वी दिल्ली भी पीछे नहीं :
आनंद विहार बस अड्डा और मेट्रो को कौशांबी बस अड्डे को जोड़ने वाले एफओबी का पांच साल से एस्केलेटर खराब है। ईडीएम माल के पास एफओबी पर लिफ्ट लगाने के लिए छह माह से निर्माण चल रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गहरी नींद में है। इसी तरह हसनपुर डिपो के पास एफओबी से एक साल पहले एस्केलेटर मरम्मत के नाम पर हटाए गए थे, जो फिर से लगाए ही नहीं जा सके हैं।
एफओबी की स्थिति :-
छत नहीं 36 प्रतिशत
लाइट नहीं 22 प्रतिशत
फ्लॉरिंग खराब 32 प्रतिशत
लिफ्ट-एस्केलेटर खराब 95 प्रतिशत
दिल्ली में राहगीरों को सुरक्षित सड़क पार करवाने के लिए विभिन्न इलाकों में 111 एफओबी बनाए गए हैं। एक अनुमान के अनुसार इनमें से 95 प्रतिशत यानी 105 एफओबी की दशा खराब है। कारण पिछले 10 साल में दिल्ली में रही आप सरकार के समय इस दिशा में काम नहीं हो पाना है। यहां तक कि शीला सरकार के समय जिन एफओबी में लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए थे, उनका भी रखरखाव नहीं किया गया, जिससे हालत खराब होती गई। सूत्रों की मानें तो इनकी दशा सुधारने के लिए बड़े स्तर पर फंड की जरूरत है। गौरतलब है कि सड़कों पर जितना अधिक ट्रैफिक होता है, उसे देखते यह एफओबी लोगों को सुरक्षित सड़क पार करवाने में मददगार हैं। इसलिए सरकार को इनकी दशा सुधारने के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए।