मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला : 3500 का सत्यापन किया गया, 24 अभ्यर्थी मिले फर्जी

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मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला : अभी करीब तीन हजार की ज्वाइनिंग बाकी, बढ़ सकता है आंकड़ा

ज्वाइनिंग करने नहीं आने वाले अभ्यर्थियों का भी किया जाएगा बायोमीट्रिक सत्यापन :

अपनी जगह साल्वर को बैठाकर मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा पास करने के फर्जीवाड़े में आरोपित अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ सकती है। परीक्षा में 6423 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था, जिनमें से अब तक 3500 का ही आधार बागोमीट्रिक व चरित्र सत्यापन हुआ है। इसमें 24 अभ्यर्थी ऐसे मिले हैं, जिन्होंने अपनी जगह साल्वर की बैठाया था। यही अनुपात रहा तो लगभग इतने हो फर्जी अभ्यर्थी और पकड़े जा सकते हैं। ज्वाइनिंग के लिए नहीं आने बालों को भी बुलाकर बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जाएगा।

बता दें, वर्ष 2023 में हुई इस परीक्षा में कुल 7411 पद थे, जिनमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के चलते 13 प्रतिशत पर्टी का रिजल्ट रोकने के बाद बाकी के परीक्षा परिणाम जारी किए गए हैं।

इस फर्जीवाड़े में अब तक नौ जिलों में 23 एफआइआर पंजीबद्ध की जा चुकी हैं। इनमें 24 अभ्यर्थियों के अतिरिक्त साल्वर, आधार केंद्र संचालक और अन्य को आरोपित बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संभावना है कि पकड़े जाने के डर से फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थी ज्वाइन नहीं करने आए पर वे भी पुलिस के रडार पर हैं। ज्वाइनिंग का समय बीतने के बाद नहीं आने बालों को बुलाकर आधार बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जाएगा।

दरअसल, गोपनीयता नीति के चलते अभ्यर्थियों की सहमति से ही उनके आधार अपडेशन की हिस्ट्री निकाली जा सकती है, इस कारण फर्जीवाड़ा करने वालों को एक साथ पकड़ना मुश्किल हो रहा है। बता दें आधार अपडेट कराकर साल्वरों ने अभ्यर्थी के नाम के साथ अपना बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट व फोटो जोड़ लिया, जिससे लिखित परीक्षा में सत्यापन में पकड़े नहीं गए। बाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा के पहले फिर अभ्यर्थी ने अपना बायोमीट्रिक अपडेट करवा लिया।

आठ से 10 लाख में सौदा, बिहार से साल्वर :

मध्य प्रदेश पुलिस ने आरक्षक भर्ती (सामान्य ड्यूटी व रेडियो) में फर्जीवाड़ा करने बाले गिरोह के कुछ और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह के सरगना अभ्यर्थी से पहले आठ से 10 लाख रुपये में आरक्षक बनाने का सौदा करते थे। इसके बाद बिहार से साल्वर की व्यवस्था की जाती थी। शातिर गिरोह इसके बाद अभ्यर्थी के आधार कार्ड की बायोमैट्रिक डिटेल अपडेट कराते हुए साल्वर का डाटा दर्ज कर देते थे। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर, महोबा, मप्र के मुरैना, श्योपुर, बिहार के औरंगाबाद व गुजरात से गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यस ने बताया कि मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित मुरैना के रामरूप गुर्जर को लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा में अलग अलग बार्यमैट्रिक डाटा मिलने पर पकड़ा गया। तब पता चला कि उसने लिखित परीक्षा के पहले और बाद में अपने आधार कार्ड के बायोमैट्रिक डाटा में तब्दीली कराई थी। जब जांच की गई तो सामने आया कि रामरूप की जगह साल्बर ने परीक्षा दी थी।

पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह की धड़पकड़ के लिए पुलिस टीमें बिहार, झारखंड, उप्र व गुजरात रवाना की गई थीं। पुलिस टीम ने साल्वर अमरेंद्र कुमार उर्फ बाहुबली निवासी ग्राम पलाकी जिला गया बिहार को गिरफ्तार किया है। आधार आइडी से रामरूप का बायोमैट्रिक अपडेट करने वाले आइडी धारक संदीप रजक निवासी मोरानीपुर झांसी (उप्र) को गुजरात से पकड़ा गया। आपरेटर सुरेंद्र कुशवाह निवासी मुरवई जिला मुरैना को श्योपुर से गिरफ्तार किया गया है। फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार करने वाले राहुल गुप्ता निवासी किदवई नगर नौबस्ता जिला कानपुर की उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा फिंगर प्रिंट का क्लीन तैयार करने में मदद करने वाले शिवम शर्मा निवासे इंदिरा नगर कबराई जिला महोबा उतर प्रदेश को महीबा से पकड़ा गया है।

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि गिरफ्तार किए गए साल्वर ने अब तक कितने बार परीक्षा  दी है, इस संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। मामले में आरोपित अशोक गुर्जर, अमिताभ रावत, लालु निवासीगण मुरैना व आशीष उर्फ साकेत निवासी बिहार फरार हैं, जिनको तलाश जारी है।

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