मनाली : नेहरूकुंड के पास जिप लाइन पर भाग लेती पर्यटक बच्ची : बेल्ट खुलने से 30 फीट ऊंचाई से गिरी : इंटरनेट पर वीडियो प्रसारित होने के बाद सामने आया मामला:-
मनाली : नेहरूकुंड के पास जिप लाइन पर भाग लेती पर्यटक बच्ची : बेल्ट खुलने से 30 फीट ऊंचाई से गिरी : इंटरनेट पर वीडियो प्रसारित होने के बाद सामने आया मामला:-
मनाली मे जिप लाइन की बेल्ट खुलने से 30 फीट ऊंचाई से गिरी पर्यटक बच्ची : पिछले सप्ताह की घटना, माता-पिता के साथ नागपुर से मनाली घूमने आई थी बच्ची :-
नागपुर से मनाली घूमने आए परिवार की एक बच्ची जिप लाइन की बेल्ट खुलने से सीधे 30 फुट ऊंचाई से नीचे गिर गई। नागपुर निवासी प्रफुल्ल बिजवे अपनी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी त्रिशा के साथ गर्मी की छुट्टी मनाने मनाली आए थे। आठ जून को त्रिशा मनाली के साथ लगते नेहरू कुंड में जिप लाइन से एक किनारे से दूसरे किनारे की और जा रही थी। इसी बीच अचानक जिप लाइन में उसकी बेल्ट की हुक खुल गई और वह 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई।
इस हादसे में बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं। बच्ची को पहले मनाली के मिशन अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसके बाद चंडीगढ़ रेफर किया था। अब उसे नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह घटना एक सप्ताह पुरानी है लेकिन इसका वीडियो अभी प्रसारित होने से मामला सामने आया है।
अब इंटरनेट पर वीडियो प्रसारित होने के बाद सामने आया मामला :
उल्लेखनीय है कि मनाली में करीब 60 स्थानों पर साहसिक गतिविधि जिप लाइन करवाई जा रही है। अधिकतर संचालकों ने इसका पंजीकरण नहीं करवाया है। कई वर्ष से पर्यटक जिप लाइन का आनंद ले रहे हैं लेकिन बेल्ट खुलने से हादसे की यह पहली घटना है।अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह घटना किस व्यक्ति की जिप लाइन में हुई है।
वीडियो वायरल होने के बाद मनाली प्रशासन व पुलिस व पर्यटन विभाग हरकत में आया हैं। एसडीएम मनाली रमण शर्मा ने बताया कि मनाली में चल रही साहसिक पर्यटन गतिविधियों की फिर से जांच की जाएगी। किसी भी गतिविधि को बिना पंजीकरण के नहीं चलने दिया जाएगा और चलाने वाले पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पिता ने कानूनी कार्रवाई से किया था झ्कार :
मनाली थाना के प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिप लाइन में गिरने से बच्ची के घायल होने का मामला एक सप्ताह पुराना है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में समझ समझौता हो गया था। पुलिस अस्पताल में पहुंची थी लेकिन बच्ची के पिता ने कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया था। बाद में वह बच्ची को अस्पताल से उपचार के लिए चंडीगढ़ ले गए थे।