भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज आज से शुरू होगी नए कप्तान शुभमन गिल के पास नई गाथा लिखने का मौका :-
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत शुक्रवार से लीड्स में होने जा रही है। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए कई मायनों में अहम है।3 वार भारत अभी तक इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत पाया है। 1971 में अजित वाडेकर, 1986 में कपिल देव और 2007 में राहुल द्रविड की अगुआई में टीम ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
टीम बदलाव के दौर में है। मैच के एक दिन पूर्व तक इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि तीन नंबर पर कौन बल्लेबाजी करेगा क्योंकि ओपनर के तौर पर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल का नाम पक्का था। रिषभ पंत ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बता ही दिया थ कि नए कप्तान शुभमन गिल चौथे और वह खुद पांचवें नंबर पर उतरेंगे।
भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी गुरुवार को वैकल्पिक अभ्यास सत्र में उतरे। अभ्यास खत्म होने वाला था तभी मुख्य कोच गौतम गंभीर, युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन के पास आए। उन्होंने उनसे हाथा मिलाया और पीठ थपथपायी। इसके बाद सुदर्शन बल्ला लेकर पिच के पास जाते हैं और कवर से ढकी पिच को खड़े होकर देखते हैं। उसके बाद वह झुककर कवर (इंग्लैंड में ऐसा मैकेनिकाल कवर होता है जिसमें नीचे जगह होती है) के नीचे से पिच को छूते हैं। इस दौरान रवींद्र जडेजा उनके पास आते हैं। साई वापस लौटकर मैदान को छुकर सीने में हाथ लगाते हैं और असमान की तरफ देखते हैं। इसके बाद वह मुट्ठी भींचकर खुद पर विश्वास जताते हैं। इससे पता चल गया कि आइपीएल में 700 से ज्यादा रन बनाने वाले साई भारतीय टीम के लिए पदार्पण रहे हैं।
करुण या नीतीश-शार्दूलः
अभ्यास के दौरान स्लिप कार्डन की संरचना को देखते हुए करुण नायर की वापसी भी हो सकती है। अभ्यास के दौरान उन्हें पहली स्लिप में तैनात किया गया था। साई तीसरे नंबर पर उतरेगे ती वरुण को छठे नंबर पर उतरना पड़ सकता है। ऐसे में आलराउंडर नीतीश रेड्डी या शार्दूल ठाकुर में से किसी एक को जगह मिलेगी। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा में से किसी एक की खिलाने को लेकर टीम प्रबंधन का फैसला काफी दिलचस्प होगा। कुलदीप यहां की परिस्थितियों में सफल हो सकते हैं लेकिन जडेजा का विदेश में बल्लेबाजी रिकार्ड अच्छा रहा है। तीन तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिलना लगभग तय है।
रवि शास्त्री, पूर्व मुख्य कोप भारतीय क्रिकेट टीम –” भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के लिए इंग्लैंड में टेस्ट टीम की कमान संभालना आसान नहीं होगा। उसे सफलता के लिए संयम से काम लेना होगा। कोहली, रोहित और अश्विन के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में बीसीसीआइ ने गिल को भारतीय टेस्ट टीम की कमान सौंपी है। गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर आइपीएल में वह काफी शात दिखा। उसका रवैया अच्छा है। वह परिपक्व हुआ है और उसके पास युवा खिलाड़े भी हैं जिनके लिए यह सीखने का अच्छा मौका होगा।”
गैरी कर्स्टन, पूर्व दक्षिण अफ्रीका क्रिकेटर – “शुभमन एक स्मार्ट क्रिकेटर है। उनके पास खेल के लिए अच्छा दिमाग है और यह अपने खेल को समझते हैं। उनके वारे में मुझे जो एक बात सबसे अधिक पसंद है, वह यह है कि वह जो कहते हैं, वही करते हैं।”
मैथ्यू हेडन्, आस्ट्रेलिया पूर्व बल्लेबाज –“गिल को अभी टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करनी होगी। विरासत तैयार करने और शिववती बनने में समय लगता है। विराट कोहली से उनकी तुलना करना सही नहीं है। हमने उन्हें कप्तान के रूप में देखा है और उनमें अच्छा कप्तान बनने की क्षमता है।”
गिल के लिए यह सीरीज अग्निपरीक्षाः
नए कप्तान शुभमन गिल वाडेकर, कपिल और द्रविड़ की सूची में अपना नाम लिखवाने के लिए बेताब होंगे लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा क्योंकि विराट कोहानी, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन के संन्यास लेने के कारण भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। यह सीरीज गिल के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी, क्योंकि इंग्लैंड की टीम ने ब्रेडन मैकुलम की कोचिंग और बेन स्टोक्स की कप्तानी में टेस्ट मैच की बल्लेबाजी की परंपराओं को बदल दिया है।
वह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम उनके आक्रामक रवैये का किस तरह से जवाब देती है। भारत के 37वें टेस्ट कप्तान के रूप में गिल का चयन इस बात पर अधिक आधारित था कि उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है। उनको यहां काफी कुछ साबित करना है।
इंग्लैंड के लिए बहुत भाग्यशाली नहींः
असामान्य रूप से गर्म लीड्स (शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस हो सकता है) और हेडिंग्ले की आठ मिमी घास से भरी 22 गज की पिच इंग्लैंड के लिए बहुत भाग्यशाली नहीं रही है। ऐसे में जो भी टीम अच्छी बल्लेबाजी करेगी उसकी जीत की संभावना बढ़ जाएगी।
राहुल है भारतीय टीम में सबसे अनुभवी बल्लेबाज :
टेस्ट क्रिकेट में 36 शतकों सहित 13,000 से अधिक रन बनाने वाले जो रूट की मौजूदगी में इंग्लैंड की बल्लेबाजी कागजों पर भारत की तुलना में बेहतर नजर आती है। भारतीय टीम में सबसे अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल (58 टेस्ट, 3257 रन) हैं। लेकिन जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाला भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इंग्लैंड की तुलना में मजबूत नजर आता है जिससे दोनों टीमों की स्थिति बराबर लगती है। ऐसा तब है जबकि तेज गेंदबाज बुमराह केवल तीन टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध है।
कोहली और रोहित की अनुपस्थिति के बावजूद भारत इंग्लैंड के गेंदबाजों को दबाव में ला सकता है। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्राड के संन्यास लेने तथा कुछ अन्य गेंदबाजों के चोटिल होने के कारण इंग्लैंड का आक्रमण कमजोर नजर आता है। क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग और शोएब बशीर तथा कप्तान स्टोक्स का गेंदबाजी आक्रमण विपक्षी टीम में कोई खौफ पैदा नहीं करता।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी मजबूतः
इंग्लैंड पहले ही अपनी अंतिम एकादश की घोषणा कर चुका है और उसने बल्लेबाजी को मजबूत करने पर ध्यान दिया है जिसमें वोक्स आठवें नंबर पर आएंगे। वोक्स ने भारत के विरुद्ध टेस्ट शतक लगाया है लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि जैक क्राली और बेन डकेट बुमराह और सिराज के विरुद्ध कैसी शुरुआत करते हैं। लेकिन पांच में से तीन मैचों में रूट और बुमराह के बीच मुकाबला ही सीरीज का परिणाम तय कर सकता है।
गंभीर का रिकार्ड अच्छा नहींः
विराट और रोहित के जाने के बाद भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति मुख्य कोच गौतम गंभीर का अभी तक कोच के रूप में रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है और वह इसे और खराब नहीं करना चाहेंगे। इस सीरीज में गंभीर के रणनीतिक कौशल की असली परीक्षा भी होगी।
आइपीएल खिताब से बढकर टेस्ट सीरीज जीतनाः गिल
भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण आफ्रीका के विरुद्ध टेस्ट सीरीज जीतना आइपीएल खिताब जीतने से बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आपको बतौर कप्तान इंग्लैंड दौरे के ज्यादा मौके नहीं मिलते। अगर आप अपनी पीढी में सर्वश्रेष्ठ में से है तो शायद दो दौरे या तीन। गिल ने कहा कि आइपीएल हर साल होता है और हर साल मौका मिलता है। इंग्लैंड में लाल गेंद से खेलने का भले ही गिल को अनुभव नहीं है लेकिन यह चुनौती से विचलित भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई लोग कहते हैं कि आपकी टीम के पास उतना अनुभव नहीं है लेकिन अच्छी बात यह है कि हम पर अपेक्षाओं का उतना बौड़ा नहीं होगा, क्योंकि अधिकांश खिलाडी इंग्लैंड में खेले नहीं है। इससे काफी फर्क पड़ेगा।
चुनौती आसान नहीं: स्टोक्
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि काफी कुछ कहा जा रहा है कि विराट नहीं है, रोहित नहीं है और अश्विन नहीं है लेकिन इसके यह मायने नहीं है कि भारत के विरुद्ध यह पहले से आसान मुकाबला होगा। भारतीय क्रिकेट के पास प्रतिभा का भंडार है। स्टोक्स ने कहा कि हमने आइपीएल में काफी समय बिताया है और हमें पता है कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। ये तीनों बहुत बड़े नाम है जिन्होंने देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन इनके नहीं होने से चुनौती आसान नहीं होगी।