प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (22 अगस्त 2025) बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरे को विकास और बुनियादी ढांचे की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएम मोदी इस दौरान बिहार में लगभग ₹13,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ₹5,200 करोड़ की लागत से बनी तीन नई मेट्रो परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
यह दौरा न केवल इन दोनों राज्यों के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि भारत की तेज़ी से बढ़ती आधारभूत संरचना और विकास की दिशा में उठाए गए बड़े कदम का प्रतीक भी है।
बिहार को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात
बिहार हमेशा से भारतीय राजनीति और संस्कृति का केंद्र रहा है। लेकिन लंबे समय तक यह राज्य बुनियादी ढांचे और विकास की चुनौतियों से जूझता रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे में कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को विकास की मुख्यधारा में लाया जाए और यहां के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
1. गंगा नदी पर 6-लेन सिमरिया पुल का उद्घाटन
बिहारवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात गंगा नदी पर बने 6-लेन सिमरिया पुल का उद्घाटन है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
- पुल की कुल लंबाई लगभग 6 किलोमीटर है।
- इसके निर्माण पर ₹3,200 करोड़ की लागत आई है।
- यह पुल पुराने 2-लेन पुल का विकल्प होगा, जिस पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव रहता था।
नए पुल के बनने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि मालवाहन और परिवहन भी सुगम होगा। यह बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
2. गया में विकास परियोजनाओं की शुरुआत
पीएम मोदी ने गया में भी कई योजनाओं की शुरुआत की, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क परियोजनाएं शामिल हैं।
- नई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परियोजना – गया में एक अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे मगध क्षेत्र को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
- सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं – गया और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले नए राजमार्गों का निर्माण होगा।
- डिजिटल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स – ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने के लिए भारतनेट योजना के तहत कार्य शुरू किया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि गया जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता को मिली नई मेट्रो परियोजनाएं
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, भारत का सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र है। मेट्रो परियोजनाओं का विस्तार यहां के शहरी जीवन में क्रांति लाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में ₹5,200 करोड़ की तीन नई मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
1. ईस्ट-वेस्ट मेट्रो लाइन विस्तार
- कोलकाता की बहुप्रतीक्षित ईस्ट-वेस्ट मेट्रो लाइन का विस्तार किया गया।
- यह लाइन हावड़ा से सॉल्ट लेक तक जाएगी, जिससे रोजाना लाखों यात्रियों को लाभ होगा।
- नदी के नीचे बनी यह मेट्रो सुरंग एशिया की पहली ऐसी अंडरवॉटर मेट्रो सुरंग है।
2. एयरपोर्ट से न्यू टाउन मेट्रो कनेक्टिविटी
- कोलकाता एयरपोर्ट से न्यू टाउन और सॉल्ट लेक तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू हुई।
- इससे आईटी सेक्टर और बिजनेस हब से जुड़ना आसान होगा।
- यात्रा का समय 1 घंटे से घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा।
3. जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो प्रोजेक्ट
- दक्षिण कोलकाता को सेंट्रल कोलकाता से जोड़ने वाली जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो लाइन का शुभारंभ हुआ।
- इस परियोजना से लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा आसान हो जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि कोलकाता की मेट्रो प्रणाली भारत की सबसे पुरानी और उन्नत मेट्रो सेवाओं में से है और नए विस्तार से यह शहर “21वीं सदी के आधुनिक महानगर” के रूप में और सशक्त होगा।
पीएम मोदी का संबोधन: “विकास सबका, साथ सबका”
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“बिहार और पश्चिम बंगाल का विकास केवल इन राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे पूर्वी भारत की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास।”
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दे रही है।
इन परियोजनाओं का असर
1. आर्थिक लाभ
- सिमरिया पुल और नई सड़क परियोजनाओं से बिहार में उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- कोलकाता की मेट्रो परियोजनाएं पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को गति देंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
2. सामाजिक लाभ
- गया में नए अस्पताल और शिक्षा संस्थान से स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार होगा।
- कोलकाता मेट्रो से आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
3. पर्यावरणीय लाभ
- मेट्रो परियोजनाएं शहर में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को कम करेंगी।
- नए राजमार्ग और पुल बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन में मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बिहार और पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। एक ओर बिहार को गंगा नदी पर 6-लेन सिमरिया पुल और गया में विकास की नई योजनाओं का तोहफा मिला है, वहीं दूसरी ओर कोलकाता को नई मेट्रो परियोजनाओं से आधुनिक परिवहन प्रणाली की सौगात मिली है।
ये सभी परियोजनाएं न केवल क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगी बल्कि देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी आगे बढ़ाएंगी।




