नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज सुबह उस वक्त दहशत में आ गई जब 20 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम की धमकी वाले ईमेल मिले। इन ईमेल ने अभिभावकों, छात्रों और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। पश्चिम विहार और रोहिणी सेक्टर तीन के अभिनव पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी इन धमकियों के निशाने पर रहे। यह लगातार दूसरा दिन है जब दिल्ली के स्कूलों को ऐसी धमकियां मिली हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है।
तत्काल कार्रवाई और गहन जांच
धमकी भरे ईमेल मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आईं। बिना किसी देरी के, बम निरोधक दस्तों के साथ-साथ खोजी कुत्तों को भी संबंधित स्कूलों में भेजा गया। छात्रों और स्कूल स्टाफ को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और स्कूलों की गहन तलाशी शुरू की गई।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है, भले ही प्रारंभिक जांच में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। “हमारी प्राथमिकता बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है,” एक पुलिस अधिकारी ने कहा।
अभिभावकों में चिंता का माहौल
इस घटना ने अभिभावकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से लेने के लिए दौड़ पड़े, जबकि कुछ ने स्कूलों के बाहर जमा होकर स्थिति का जायजा लिया। “यह बहुत डरावना है,” एक चिंतित अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को स्कूल भेजने में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।”
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
यह घटना दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों को धमकी मिलना किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। पुलिस अब इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या इन धमकियों के पीछे कोई बड़ी साजिश है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ ईमेल के आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा बढ़ाई गई, जनता से सतर्क रहने की अपील
इन धमकियों के मद्देनजर दिल्ली के सभी स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने की अपील की है। स्कूलों को भी अपनी आंतरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और किसी भी असामान्य स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यह देखना बाकी है कि जांच में क्या सामने आता है और इन धमकियों के पीछे कौन है। फिलहाल, दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।




