चीन-ताइवान तनाव 2026: ताज़ा स्थिति
बीजिंग/ताइपे, 23 मार्च 2026: चीन और ताइवान के बीच तनाव 2026 में एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। चीनी सेना ने ताइवान जलडमरूमध्य में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किए हैं, जिससे पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हलचल मच गई है।
चीन की आक्रामकता के कारण
ताइवान के राष्ट्रपति चुनावों में स्वतंत्रता समर्थक उम्मीदवार की जीत के बाद चीन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सैन्य शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और ‘एक चीन नीति’ पर अड़ा रहता है।
- चीन ने ताइवान के आसपास 100+ लड़ाकू विमान भेजे।
- चीनी नौसेना ने ताइवान जलडमरूमध्य में युद्धाभ्यास किया।
- अमेरिका ने ताइवान को हथियार बेचने की घोषणा की।
- जापान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन की कार्रवाई की निंदा की।
अमेरिका-चीन टकराव
ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव भी बढ़ा है। अमेरिकी नौसेना ने ताइवान जलडमरूमध्य में ‘स्वतंत्र नेविगेशन’ के नाम पर अपने युद्धपोत भेजे, जिसे चीन ने उकसावे की कार्रवाई बताया।
भारत पर प्रभाव
चीन-ताइवान तनाव का भारत पर भी प्रभाव पड़ेगा। भारत इंडो-पैसिफिक रणनीति में अहम भूमिका निभाता है और Quad (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) का हिस्सा है। किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का असर भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अभी प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष से बचना चाहेगा, लेकिन दबाव की राजनीति जारी रखेगा। ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव 2026 में एशिया का सबसे बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम बना हुआ है।
HRAC News | 23 मार्च 2026 | अंतरराष्ट्रीय समाचार




