अमेरिकी टैरिफ का असर: 1 अगस्त 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट
1 अगस्त, 2025 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक निराशाजनक दिन रहा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 586 अंक गिरकर 80,599.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 203 अंक की गिरावट के साथ 24,565.35 पर आकर रुक गया. इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा थी. इस खबर से घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया, जिसका सीधा असर बाजार की चाल पर देखने को मिला.
बिकवाली का दबाव और प्रभावित सेक्टर्स
ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद, भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया. इसका सबसे ज्यादा असर उन सेक्टरों पर पड़ा जिनका अमेरिका से सीधा व्यापारिक संबंध है.
- फार्मा सेक्टर: यह सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स में से एक था, जिसमें 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों को डर है कि अमेरिकी टैरिफ से भारतीय दवाइयों का निर्यात प्रभावित हो सकता है.
- मेटल और ऑटो: इन सेक्टर्स में भी भारी बिकवाली हुई. टैरिफ से मेटल और ऑटो पार्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे अमेरिकी बाजार में उनकी मांग कम हो सकती है.
- आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज: इन सेक्टरों के शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर और दबाव बना.
कुछ सेक्टर्स में दिखी मजबूती
बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद, कुछ सेक्टर्स ने अपनी स्थिति को संभाला. एफएमसीजी (FMCG) और मीडिया इंडेक्स में थोड़ी तेजी देखने को मिली. एफएमसीजी शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को और ज्यादा गिरने से कुछ हद तक बचाया. इसका कारण यह है कि ये सेक्टर्स घरेलू मांग पर ज्यादा निर्भर करते हैं और अमेरिकी टैरिफ से सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होते.
बाजार पर आगे का प्रभाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ की चिंताएं आने वाले दिनों में भी बाजार को प्रभावित कर सकती हैं. यह देखना बाकी है कि भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी से निवेश करें और बाजार की अस्थिरता पर नजर रखें.




