यूपी सरकार का बड़ा फैसला: जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में अब आधार मान्य नहीं, नए नियम लागू

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में अब आधार मान्य नहीं, नए नियम लागू
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उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य में जन्म तिथि (Date of Birth) के प्रमाण से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नियोजन विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब किसी भी सरकारी प्रक्रिया, आवेदन या सत्यापन के दौरान आधार कार्ड को जन्म तिथि प्रमाणित करने वाले दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह फैसला उन परिस्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ आधार कार्ड को आयु संबंधी दस्तावेज के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आधार केवल पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्य होगा, लेकिन जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए नहीं।


🔹 क्या कहा है यूपी सरकार के आदेश में?

नियोजन विभाग द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है:

“आधार कार्ड को जन्म तिथि (Date of Birth) प्रमाणित करने वाले दस्तावेज के रूप में स्वीकार न किया जाए। जन्म तिथि की पुष्टि केवल जन्म प्रमाण पत्र, हाई स्कूल/10वीं की मार्कशीट या अन्य वैध शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर ही की जाएगी।”

आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और यह सभी सरकारी विभागों, संस्थानों और भर्ती एजेंसियों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।


🔹 आधार मान्य क्यों नहीं रहेगा? — पृष्ठभूमि और कारण

केंद्र सरकार पहले ही कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि आधार कार्ड का उद्देश्य केवल:

  • पहचान स्थापित करना (Identity Proof)
  • पता दर्शाना (Address Proof)

है।

आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि स्वघोषित (self-declared) भी हो सकती है, इसलिए इसे पुख्ता आधार नहीं माना जाता। कई मामलों में पाया गया कि:

  • आधार में दर्ज जन्म तिथि अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती
  • लोग उम्र बदलकर दिखाने का प्रयास करते हैं
  • कई आधार कार्ड बिना किसी मूल जन्म दस्तावेज के भी बन गए

इन्हीं कारणों से आधार को आयु प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता हटाने की आवश्यकता महसूस की गई।


🔹 कौन-कौन से दस्तावेज अब जन्म तिथि के लिए मान्य होंगे?

यूपी सरकार के अनुसार, अब केवल निम्नलिखित दस्तावेज जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाएंगे:

✔ जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)

सबसे विश्वसनीय और सरकारी रिकॉर्ड आधारित दस्तावेज।

✔ हाई स्कूल / 10वीं कक्षा की मार्कशीट

अधिकांश बोर्ड अपने रिकॉर्ड में जन्म तिथि को स्थायी रूप से दर्ज करते हैं।

✔ पासपोर्ट

पासपोर्ट जारी होने के समय जन्म तिथि सत्यापित होती है।

✔ अन्य शैक्षिक दस्तावेज

जहाँ जन्म तिथि आधिकारिक रूप से दर्ज हो।


🔹 किन प्रक्रियाओं में अब आधार Date of birth के लिए स्वीकार नहीं होगा?

  • सरकारी नौकरी आवेदन
  • भर्ती में आयु सत्यापन
  • छात्रवृत्ति और शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ
  • जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र
  • पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
  • ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट से जुड़े सत्यापन
  • स्कूल- कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया

प्रशासनिक तौर पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उम्र आधारित सभी पात्रताओं की पुष्टि केवल मान्य दस्तावेजों से ही की जाए।


🔹 युवाओं और अभ्यर्थियों पर क्या असर पड़ेगा?

यह आदेश खासकर उन छात्रों, बेरोजगार युवाओं और नौकरी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं।

सकारात्मक प्रभाव:

  • गलत उम्र वाले दस्तावेजों के उपयोग पर रोक
  • सभी उम्मीदवारों के लिए समान नियम
  • भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी
  • धोखाधड़ी और फर्जी आयु प्रमाणपत्रों पर अंकुश

संभावित चुनौतियाँ:

  • जिन लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, उन्हें अब नया बनवाना होगा
  • कई ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं
  • दस्तावेज तैयार होने में समय लग सकता है

सरकार ने उम्मीद जताई है कि लोग समय रहते आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लेंगे।


🔹 क्यों जरूरी था यह बदलाव?

आधार के उपयोग में लगातार बढ़ती विसंगतियों और विवादों ने सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। कई मामलों में देखा गया कि:

  • भर्ती परीक्षाओं में आयु में हेरफेर
  • फर्जी उम्र दिखाकर सामाजिक योजनाओं का दुरुपयोग
  • पासपोर्ट और लाइसेंस में गलत जानकारी देना

इन समस्याओं का मुख्य कारण यह था कि लोग आधार को उम्र प्रमाण के रूप में गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे। यही वजह है कि सरकार ने जन्म तिथि सत्यापन के लिए अधिक विश्वसनीय दस्तावेजों की ओर रुख किया।


🔹 क्या यह नियम पूरे भारत में लागू होगा?

फिलहाल यह आदेश केवल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है।
हालांकि, कई अन्य राज्यों ने भी पहले ही आधार को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं किया है।
भविष्य में केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे बदलावों पर विचार कर सकती है।


🔹 सरकार की अपील: लोग जल्द तैयार करें दस्तावेज

उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके पास अभी तक:

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • हाई स्कूल मार्कशीट
  • या अन्य उम्र संबंधी मान्य दस्तावेज

नहीं हैं, वे जल्द से जल्द इन्हें बनवा लें ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।


🔹 निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जन्म तिथि सत्यापन के लिए आधार को अमान्य करना एक बड़ा और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले का उद्देश्य—

  • रिकॉर्ड में सटीकता
  • पारदर्शिता
  • फर्जीवाड़े पर रोक
  • सरकारी योजनाओं का सही लाभ

सुनिश्चित करना है।

नई व्यवस्था के लागू होने से नागरिकों, छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि वे अब जन्म तिथि से जुड़े मान्य और पुख्ता दस्तावेजों को तैयार रखें।

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