
भारतीय महिला क्रिकेट ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज़ Smriti Mandhana ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वह यह मुकाम हासिल करने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल Mithali Raj ने हासिल की थी।
श्रीलंका के खिलाफ ऐतिहासिक पल
स्मृति मंधाना ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि Sri Lanka women cricket team के खिलाफ खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की। मैच के दौरान जैसे ही उन्होंने अपना 10,000वां रन पूरा किया, मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारतीय डगआउट में मौजूद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने खड़े होकर इस पल का स्वागत किया।
10,000 रन तक का सफर
स्मृति मंधाना का यह सफर आसान नहीं रहा। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली मंधाना ने टेस्ट, वनडे और टी-20—तीनों फॉर्मेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन किया है।
उनकी बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी खासियत है क्लासिक स्ट्रोक प्ले, आक्रामक शुरुआत और दबाव में भी संयम बनाए रखना।
तीनों फॉर्मेट में योगदान
- टेस्ट क्रिकेट: सीमित मौके मिलने के बावजूद मंधाना ने बड़े स्कोर बनाए
- वनडे क्रिकेट: टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद ओपनर
- टी-20 क्रिकेट: तेज़ शुरुआत और मैच जिताऊ पारियां
तीनों फॉर्मेट में निरंतर रन बनाकर उन्होंने खुद को आधुनिक महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज़ों में स्थापित किया है।
मिताली राज के क्लब में शामिल
10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे कर स्मृति मंधाना अब मिताली राज के विशेष क्लब में शामिल हो गई हैं। मिताली राज लंबे समय तक भारतीय महिला क्रिकेट की रीढ़ रहीं, और अब मंधाना उस विरासत को आगे बढ़ाती दिख रही हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मंधाना कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं।
खेल जगत से बधाइयों की बौछार
मंधाना की इस उपलब्धि पर क्रिकेट जगत से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। पूर्व खिलाड़ी, मौजूदा क्रिकेटर और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी।
Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने भी आधिकारिक रूप से उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्व
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और लोकप्रियता को भी दर्शाती है।
उनकी सफलता से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिल रही है और देश में महिला क्रिकेट का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
मंधाना आज लाखों युवा लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास यह साबित करता है कि सही अवसर और समर्थन मिलने पर भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपना परचम लहरा सकती हैं।
आगे की राह
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि स्मृति मंधाना अभी अपने करियर के स्वर्णिम दौर में हैं। आने वाले विश्व कप, द्विपक्षीय सीरीज़ और लीग क्रिकेट में उनसे और भी बड़े रिकॉर्ड की उम्मीद की जा रही है।
स्मृति मंधाना का 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरा करना भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके शानदार करियर को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत प्रेरणा भी है। मंधाना ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट विश्व मंच पर किसी से कम नहीं।








