शेयर बाजार में गिरावट, सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर: सेंसेक्स-निफ्टी लाल, गोल्ड में जबरदस्त उछाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर। वैश्विक अस्थिरता के बीच सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं।
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शेयर बाजार में गिरावट, सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर: निवेशकों में चिंता, सुरक्षित विकल्पों की ओर रुझान

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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज़ गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता, महंगाई को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा।
दूसरी ओर, इसी अनिश्चित माहौल में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। इसका असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखा, जहां सोने के दामों में भारी उछाल दर्ज किया गया।

शेयर बाजार में गिरावट की वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार में आई गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया।

विश्लेषकों का कहना है कि जब वैश्विक संकेत कमजोर होते हैं, तो उभरते बाजारों से पूंजी निकलने लगती है और इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ता है। यही कारण है कि आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

कारोबार की शुरुआत से ही सेंसेक्स और निफ्टी 50 दबाव में नजर आए।

  • सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में गिरावट के चलते सूचकांक नीचे फिसल गया।
  • निफ्टी 50 भी अहम सपोर्ट स्तरों के करीब पहुंच गया, जिससे तकनीकी विश्लेषकों की चिंता बढ़ी है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, महंगाई के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर रहेगी।

वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों की मानसिकता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता ने निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता को कम कर दिया है। जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
यही वजह है कि शेयर बाजार में गिरावट के साथ-साथ सोने की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिल रहा है।

सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

इसी अस्थिर माहौल का सबसे बड़ा फायदा सोने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।
सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और जब शेयर बाजार में अनिश्चितता होती है, तो निवेशक सोने में निवेश बढ़ा देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • वैश्विक मंदी की आशंका
  • भू-राजनीतिक तनाव
  • डॉलर और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव

इन सभी कारणों ने मिलकर सोने की मांग को बढ़ा दिया है।

घरेलू बाजार में सोने की कीमतों का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का असर भारतीय बाजार में भी साफ नजर आया।
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के दामों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
शादी-विवाह के सीजन और निवेश की मांग के चलते पहले से ही सोने की खरीदारी मजबूत थी, ऐसे में कीमतों में आई इस बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाला है।

हालांकि, निवेशक वर्ग के लिए यह संकेत है कि सोना अभी भी सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

मौजूदा हालात में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगे की रणनीति क्या हो। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है
  • गिरावट के दौर में गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश किया जा सकता है
  • पोर्टफोलियो में सोना और अन्य सुरक्षित साधनों को संतुलन के लिए शामिल करना समझदारी हो सकती है

वहीं, अल्पकालिक निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?

विश्लेषकों के अनुसार, अगर वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है, तो शेयर बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
हालांकि, किसी भी सकारात्मक वैश्विक संकेत या घरेलू आर्थिक आंकड़ों में सुधार से बाजार में तेजी भी लौट सकती है।

सोने की कीमतों का भविष्य

सोने को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, इसकी कीमतों को समर्थन मिलता रहेगा।
हालांकि, अगर ब्याज दरों में स्थिरता आती है और शेयर बाजार में भरोसा लौटता है, तो सोने में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।

शेयर बाजार में गिरावट और सोने के दामों का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं।
एक तरफ जहां सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में हैं, वहीं सोना सुरक्षित निवेश के रूप में चमक रहा है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात किस तरह बदलते हैं। निवेशकों के लिए संतुलित और सोच-समझकर किया गया निवेश ही इस अस्थिर दौर में सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

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