रोजगार मेले के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने 61,000 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र, राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले के तहत 61,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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रोजगार मेला: युवाओं के भविष्य की नई शुरुआत

देश में रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘रोजगार मेला’ कार्यक्रम के तहत आज एक बड़ा आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 61,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

यह कार्यक्रम युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े नवनियुक्त अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं है, बल्कि यह देश की सेवा करने का अवसर और जिम्मेदारी भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें देश की प्रगति का आधार बनाना है।


61,000 युवाओं को मिला सरकारी सेवा का अवसर

इस रोजगार मेले के अंतर्गत जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, वे विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों, मंत्रालयों और संगठनों में सेवाएं देंगे। इनमें रेलवे, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक विभाग शामिल हैं।

यह नियुक्तियां देशभर में पारदर्शी और मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं, जिससे योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है।


प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश है और यही युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा:

“आप सभी युवा देश के विकास के वाहक हैं। आपकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं को सरल, तेज और तकनीक आधारित बनाया है ताकि युवाओं को समय पर रोजगार मिल सके।


रोजगार मेला: सरकार की बड़ी पहल

‘रोजगार मेला’ केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत लाखों रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल बेरोजगारी को कम करना है, बल्कि सरकारी कामकाज में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना भी है।

सरकार का मानना है कि नई ऊर्जा, नए विचार और आधुनिक तकनीकी समझ रखने वाले युवा प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाएंगे।


युवाओं से राष्ट्र निर्माण की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं से अपील की कि वे अपने कार्य को केवल नौकरी न समझें, बल्कि इसे राष्ट्र सेवा का माध्यम मानें। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी होने का अर्थ है जनता की सेवा करना और देश की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना।

उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को सरकारी सेवा के मूल मूल्य बताया।


डिजिटल इंडिया और भर्ती प्रक्रिया

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आज भर्ती प्रक्रियाओं में डिजिटल इंडिया पहल का बड़ा योगदान है। ऑनलाइन आवेदन, कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं और डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं ने युवाओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाया है।

इससे न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि भ्रष्टाचार और भेदभाव की संभावनाएं भी कम हुई हैं।


युवाओं में दिखा उत्साह

नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं में इस अवसर को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई युवाओं ने कहा कि यह उनके वर्षों के परिश्रम का परिणाम है और वे पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।

देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री के इस संवाद को प्रेरणादायक बताया।


विकसित भारत की दिशा में कदम

रोजगार मेला कार्यक्रम को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब युवा सशक्त होंगे, तभी देश सशक्त बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये 61,000 युवा आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।

यह आयोजन इस बात का संकेत है कि सरकार रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 61,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य में निवेश का प्रतीक है। रोजगार मेला न सिर्फ सरकारी सेवाओं में नई जान फूंकने का प्रयास है, बल्कि यह देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

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