पाकिस्तान में महंगाई का ‘महा-विस्फोट’: पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जानें अब क्या हैं नए दाम
पाकिस्तान की जनता पर एक बार फिर महंगाई का “एटम बम” फूटा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और क्षेत्रीय तनाव (अमेरिका-ईरान युद्ध) के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
डीजल ₹520 और पेट्रोल ₹458 के पार
सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं:
| ईंधन का प्रकार | पुरानी कीमत (PKR) | नई कीमत (PKR) | बढ़ोतरी |
| पेट्रोल | ₹321.17 | ₹458.41 | ₹137.24 |
| हाई-स्पीड डीजल (HSD) | ₹335.86 | ₹520.35 | ₹184.49 |
| मिट्टी का तेल (Kerosene) | ₹423.72 | ₹457.80 | ₹34.08 |
इतनी बड़ी बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के अनुसार, यह फैसला लेना सरकार की मजबूरी थी। इसके पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
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अमेरिका-ईरान युद्ध: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिससे कीमतें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं।
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सब्सिडी का खत्म होना: सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे अब भारी सब्सिडी का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं हैं। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कीमतों को बाजार के अनुरूप करना जरूरी था।
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खपत पर नियंत्रण: प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार के अनुसार, पिछले महीने पेट्रोल और डीजल की खपत में क्रमशः 8% और 13% की वृद्धि देखी गई थी, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
ईंधन की कीमतों में इस भारी इजाफे का सीधा असर परिवहन और माल ढुलाई पर पड़ेगा।
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महंगी होगी थाली: डीजल महंगा होने से सब्जियों, फलों और अनाज की ढुलाई महंगी हो जाएगी, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) बढ़ेगी।
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खेती पर मार: ट्रैक्टर और ट्यूबवेल चलाने के लिए डीजल का उपयोग करने वाले किसानों के लिए खेती की लागत दोगुनी हो जाएगी।
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परिवहन: बस और ट्रक किराए में 30-40% तक की बढ़ोतरी होने की आशंका है।
विशेष नोट: सरकार ने इस बोझ को थोड़ा कम करने के लिए डीजल पर लगने वाली लेवी (Levy) को शून्य कर दिया है, जबकि पेट्रोल पर इसे बढ़ाकर ₹160 प्रति लीटर कर दिया गया है।




