मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच जुबानी जंग अब तक के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए एक विवादास्पद बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो अमेरिका उसे बमबारी करके “स्टोन एज” (पाषाण युग) में वापस भेज देगा। ट्रंप की इस धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है।
ईरान का पलटवार: “सभ्यताएं बमों से नहीं मिटतीं” ट्रंप की इस “पाषाण युग” वाली धमकी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बेहद सधे हुए और सख्त लहजे में जवाब दिया। पेजेश्कियान ने कहा:
“सभ्यताएं बमबारी से नष्ट नहीं होतीं। ट्रंप का यह बयान उनकी रणनीतिक घबराहट और अज्ञानता को दर्शाता है। ईरान हजारों साल पुरानी सभ्यता का उत्तराधिकारी है, जिसे मिटाना मुमकिन नहीं है।”
युद्ध की स्थिति और वैश्विक प्रभाव 2026 के अप्रैल महीने में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों ने ईरान के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि यह तनाव कम नहीं हुआ, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी हो सकता है।








