होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: 22 देश एकजुट, ईरान को दी कड़ी चेतावनी, दुनिया का 20% तेल खतरे में

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते जहाज
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अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट ईरान — ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे बड़े तनाव के केंद्र में आ गया है। जापान से लेकर जर्मनी तक 22 देश एकजुट होकर ईरान से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खुला रखने की मांग कर रहे हैं।

होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी को जोड़ता है। यह महज 21 मील चौड़ा है, लेकिन इसी से दुनिया का लगभग 20-21% कच्चा तेल गुजरता है। भारत, जापान, चीन, यूरोप सहित दर्जनों देश इसी रास्ते से तेल आयात करते हैं।

IRGC की चेतावनी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने हमला जारी रखा तो वे होर्मुज बंद कर देंगे। उन्होंने कहा, “तेल ही नहीं, पानी के लिए भी तरसाएंगे।”

22 देशों की संयुक्त अपील

जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत समेत 22 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इन देशों ने ईरान से शांति की अपील करते हुए कहा है कि होर्मुज को बंद करना वैश्विक आर्थिक संकट को न्योता देना होगा।

भारत के जहाज सुरक्षित

भारतीय नौसेना के अनुसार फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाज फिलहाल सुरक्षित हैं। भारत ने अमेरिका से LPG और रूस से पेट्रोल-डीजल लेकर 5 जहाज पहले ही मंगलुरु पंहुचा लिए हैं।

तेल की कीमतों पर असर

इस संकट के कारण ब्रेंट क्रूड $120 प्रति बैरल को पार कर गया है। अगर होर्मुज वास्तव में बंद हुआ तो कीमतें $150-200 तक जा सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों पर पड़ेगा।

G7 की कड़ी प्रतिक्रिया

G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान को तुरंत सभी हमले बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज पर किसी भी एकतरफा कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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